Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के बजट सत्र से पहले समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह प्रदेश सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर घेरने में पीछे नहीं हटेगी। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी विधायकों को निर्देश दिए हैं कि बजट सत्र में इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाया जाए।
भाजपा पर सीधा आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार “सौ फीसदी असत्य के रास्ते पर चल रही है” और आम जनता के हित से कोई सरोकार नहीं रखती। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर जनता को केवल बहलाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे बच्चों को चॉकलेट और जनता को झुनझुना। उनका कहना है कि सरकार प्रधानी चुनाव तक महत्वपूर्ण फैसलों को टाल सकती है और बजट का उपयोग आम जनता की भलाई के लिए नहीं हो रहा।
महंगाई और कृषि संकट
सपा नेता ने अमेरिका के साथ हुए नए व्यापार समझौते को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि इस डील से छोटे किसानों और लघु-मध्यम उद्योगों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। “गाय का दूध और शहद तक अमेरिका से आएगा, जिससे भारतीय बाजार बर्बाद हो जाएगा। छोटे किसान और उद्योग संकट में पड़ेंगे और उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ेंगी,” उन्होंने पत्रकारों से कहा।
कानून व्यवस्था और जनता की मुश्किलें
प्रदेश की कानून व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों ने आम जनता पर बोझ बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार को न तो किसानों की चिंता है और न ही नौजवानों की।
सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष
सपा के अनुसार पार्टी विधायक बजट सत्र में महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अन्य जनसमस्याओं पर सरकार को मजबूती से घेरेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी जनता के हितों की लड़ाई सड़क से लेकर विधानसभा सदन तक पूरी मजबूती से लड़ेगी।
जनता से अपील
उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे बजट सत्र में सरकार से पिछली योजनाओं और पिछले बजट का हिसाब मांगें। उनका संदेश साफ है: “2027 का विधानसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं है, जनता को सरकार के कार्यों का मूल्यांकन करना चाहिए।”




