उत्तराखंड : Kumbh Mela 2021 को लेकर अब तक सरकार ने की हैं ये तैयारियां, जानिए पूरी जानकारी

हरिद्वार में 2021 में होने वाले Kumbh Mela की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। अब जब कुंभ मेले के लिए बेहद कम समय बचा है तो राज्य सरकार हरिद्वार में चल रहे स्थायी और अस्थायी कार्यों को जल्द पूरा करने की बात कह रही है।

हरिद्वार (Kumbh Mela)। हरिद्वार में 2021 में होने वाले कुंभ मेले (Kumbh Mela) की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। अब जब कुंभ मेले (Kumbh Mela) के लिए बेहद कम समय बचा है तो राज्य सरकार हरिद्वार में चल रहे स्थायी और अस्थायी कार्यों को जल्द पूरा करने की बात कह रही है। हालांकि, अभी तक की स्थिति की बात करें तो तमाम कार्य ऐसे हैं जो लगभग पूरे हो चुके हैं। कुछ बड़े निर्माण कार्य अभी भी जारी हैं जिन्हें 31 जनवरी से पहले-पहले पूरा करने का निर्णय लिया गया है।
Kumbh Haridwar 1

Kumbh Mela में एलईडी के माध्यम से आरती देख पाएंगे

प्रदेश सरकार कुंभ मेला और हरकी पैड़ी पर होने वाली गंगा आरती को प्रसारित करने के लिए शहर भर में एलईडी लगा रही है। इसके माध्यम से हरकी पैड़ी तक न पहुंच पाने वाले श्रद्धालु अपने आसपास में लगे एलईडी के माध्यम से आरती देख पाएंगे। इसके साथ ही एलईडी पर कुंभ मेला क्षेत्र की गतिविधियों को भी प्रसारित किया जाएगा।

2 महीने में ही सिमट जाएगा Kumbh Mela

आमतौर पर हर 12 साल में हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुंभ (kumbh mela) इस बार मात्र 11 साल बाद ही आयोजित हो रहा है। हालांकि, हर 12 साल में हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुंभ मेला देश के अन्य क्षेत्रों में आयोजित होने वाले सभी कुंभ से अधिक समय के लिए आयोजित किया जाता रहा है। क्योंकि हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुंभ मेला करीब 4 महीने का होता है लेकिन इस बार वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते यह मात्र 2 महीने में ही सिमट गया है।
 इसकी मुख्य वजह यह है कि उत्तराखंड सरकार ने यह निर्णय लिया है कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए 15 फरवरी को महाकुंभ (kumbh mela)मेले संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से ही महाकुंभ मेला की शुरुआत होगी। ऐसे में अप्रैल के अंत तक चलने वाला महाकुंभ मेला मात्र 2 महीने में ही सिमट जाएगा। यही वजह है कि राज्य सरकार हरिद्वार को पूरी तरह से चमकाने पर जुटी हुई है।

Kumbh Mela में 500 बसें रिजर्व रखी जाएंगी

इधर, कुंभ की तैयारियों और व्यवस्थाओं को मुकम्मल करने के लिए तमाम विभाग अपने-अपने स्तर से कवायद में जुटे हुए हैं। उत्तराखंड परिवहन निगम ने भी प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। भेजे गए प्रस्ताव के तहत कुंभ (kumbh mela) में होने वाले मुख्य स्नान से एक दिन पहले से ही 500 बसें रिजर्व रखी जाएंगी। मुख्य स्नान के दिन इन बसों को छोड़ दिया जाएगा, ताकि अपने गंतव्य को वापस जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो और उन्हें समय पर बस उपलब्ध हो सके। हालांकि कुंभ में छह मुख्य स्नान होने हैं। ऐसे में इन छह मुख्य स्नान से एक-एक दिन पहले करीब 500 बसों को रिजर्व रखा जाएगा।

4,000 करोड़ रुपये खर्च करने का रोड मैप तैयार Kumbh Mela

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दस्तक से पहले कुंभ(kumbh mela) की तैयारियों के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च करने का रोड मैप तैयार किया गया था। जिसके तहत मेला क्षेत्र का विस्तार करने की कार्य योजना थी। लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दस्तक के बाद स्थितियां स्पष्ट ना होने के चलते मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं में आने वाला खर्च 800 करोड़ रुपए तक सिमट गया है।

Kumbh Mela में हर की पैड़ी में तीन अस्थाई घाट बन रहे

उत्तराखंड सरकार ने कुम्भ (kumbh mela)के लिए किये जा रहे स्थाई प्रकृति के सभी कार्यों को 31 दिसम्बर तक और इसके साथ कुंभ से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को 31 जनवरी, 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। कुंभ मेले के तहत विभिन्न विभागों के स्तर पर 473 करोड़ की लागत के 124 निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इन्हें 31 जनवरी तक पूरा कर लिया जायेगा। वहीं, सरकार हरिद्वार क्षेत्र में 9 नए घाटों और 8 पुलों व सड़कों का निर्माण कर रही है।

Kumbh Mela में 5 पुलों का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा

kumbh mela इनमें से हर की पैड़ी में तीन अस्थाई घाट बन रहे हैं, जो लगभग बनकर तैयार हो गये हैं। इसके अतिरिक्त छह अन्य घाटों का निर्माण कार्य जारी है जो इस महीने के अंत तक पूरे कर लिये जाएंगे। इसके साथ ही हरिद्वार क्षेत्र में बनाए जा रहे हैं 8 पुलों में से 3 पुल पूरी तरह से कंप्लीट हो गए हैं जिस पर आवाजाही भी शुरू हो गई है। बाकी बचे 5 पुलों का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। 31 जनवरी से पहले पहले इनका काम पूरा कर आवाजाही शुरू हो जाएगी।
कुंभ मेला की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस प्रशासन ने अपनी रणनीतियां तैयार कर ली हैं। इसके तहत कुंभ मेला क्षेत्र को सुरक्षा के दृष्टिगत 6 जोन, 24 सेक्टर, 21 थानों, 9 पुलिस लाइन, 23 पुलिस चैकी, 25 चेक पोस्ट के साथ ही आवश्यकतानुसार राज्य व केन्द्रीय पुलिस बलों की तैनाती की व्यवस्था की जा रही है। पूरा मेला क्षेत्र सीसीटीवी कैमरों से लैस होगा।

स्वच्छ गंगा मिशन के तहत 84.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति

कुंभ मेले (kumbh mela) के दृष्टिगत केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत 84.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसके तहत हरिद्वार महाकुंभ मेले में स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अन्य गतिविधियों के लिए 79.12 करोड़ रुपये, पेयजल निगम को 2.55 करोड़ रुपये और उत्तराखण्ड जल संस्थान को 2.92 करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है। इससे अलग मुख्यमंत्री ने हरिद्वार जलोत्सरण योजना में सीवर लाइनों को बदलने एवं मेन हॉल चेम्बरों के पुनर्निर्माण आदि के लिये भी 4.87 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है।

शासन ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा जोर दिया

कुंभ मेले (kumbh mela)में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए उत्तराखंड शासन ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा जोर दिया है। मुख्य रूप से देखें तो उत्तराखंड सरकार हरिद्वार में 1,000 बेड का कोविड केयर सेंटर बना बना रही है। इसमें 493 चिकित्सकों की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही बाइक एम्बुलेंस और बोट एम्बुलेंस के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। कुंभ में चार शाही स्नान होने हैं। पहला शाही स्नान गुरुवार 11 मार्च 2021 को महाशिवरात्रि के दिन होगा। दूसरा शाही स्नान 12 अप्रैल को सोमवती अमावस्या पर आयोजित होगा। वहीं, तीसरा शाही स्नान 13 अप्रैल मेष संक्रांति पर आयोजित होगा और आखिरी शाही स्नान वैशाखी 27 अप्रैल चैत्र माह की पूर्णिमा को होगा।

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