बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में SIT का बड़ा एक्शन, फरार चल रहे मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को किया गिरफ्तार

बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में SIT का बड़ा एक्शन, फरार चल रहे मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को किया गिरफ्तार

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे और दान राशि में बड़ी हेराफेरी के मामले में विशेष जांच टीम (SIT) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसआईटी और चमोली पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहे निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को देहरादून स्थित उसके आवास से हिरासत में लिया, जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए सीधे चमोली (बद्रीनाथ) लाया गया है।

व्यक्तिगत सहायक के पद पर तैनात था आरोपी, सीसीटीवी से खुली थी पोल

प्रमोद नौटियाल श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष के कार्यालय में व्यक्तिगत सहायक (Personal Assistant) के पद पर तैनात था। यह पूरा मामला तब सामने आया जब मंदिर के दानपात्रों की गिनती और ऑडिट के दौरान भारी वित्तीय गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। इसके बाद जब मंदिर के दान गिनने वाले कमरे के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए, तो होश उड़ाने वाला सच सामने आया। फुटेज में प्रमोद नौटियाल को अनधिकृत तरीके से दान गिनने वाले कमरे में बार-बार आते-जाते और वहां से नकदी, सोने-चांदी के सिक्के, शालीग्राम पत्थर व दान के लिफाफे छिपाकर ले जाते हुए साफ देखा गया था।

निलंबन और एफआईआर के बाद से था फरार

शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड (Suspend) कर दिया था। इसके बाद बीकेटीसी की तहरीर पर बद्रीनाथ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामला विभागीय जांच से आगे बढ़कर आपराधिक जांच में तब्दील होते ही आरोपी प्रमोद नौटियाल फरार हो गया था। एसआईटी और पुलिस की टीमें लगातार उसकी धरपकड़ के लिए दबिश दे रही थीं, जिसके बाद आखिरकार उसे देहरादून से दबोच लिया गया।

सीएम धामी ने कहा था 'गोहत्या' जैसा पाप, विपक्ष ने खोला मोर्चा

बद्रीनाथ धाम में हुई इस चोरी की गूंज उत्तराखंड के सियासी गलियारों में भी जमकर सुनाई दे रही है। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए इसे 'गोहत्या' जैसा महापाप करार दिया था और अधिकारियों को सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय कमेटी भी इस पूरे घोटाले की जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच या विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच कराने की मांग उठाई है। फिलहाल पुलिस प्रमोद नौटियाल को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, जिससे इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों के नामों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।

 

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