उत्तराखंड में कुदरत का कोहराम: मलबे के बीच सात फेरों की जिद, रुद्रप्रयाग में तबाही के बीच यूं मंडप पहुंची बारात
पहाड़ों पर आफत की बरसात, रुद्रप्रयाग में थम पहिए
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण रुद्रप्रयाग जिले में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। कई जगहों पर दरकते पहाड़ों और भूस्खलन (Landslide) की वजह से मुख्य हाईवे और संपर्क मार्ग भारी मलबे के कारण बंद हो गए हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े बोल्डर गिरने से गाड़ियों की रफ्तार थम गई है और स्थानीय प्रशासन लगातार रास्तों को साफ करने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है।
मलबे और पत्थरों के बीच से तय किया शादी का सफर
इस प्राकृतिक आपदा और बंद रास्तों के बीच रुद्रप्रयाग से एक बेहद हैरान और भावुक करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ एक दूल्हा और दुल्हन को अपनी शादी की रस्में पूरी करने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रास्ते बंद होने के कारण बारात आगे नहीं बढ़ पा रही थी, ऐसे में दूल्हा-दुल्हन ने हिम्मत नहीं हारी। दोनों ने सज-धजकर हाथों में हाथ डाले मलबे, कीचड़ और पत्थरों से भरे जानलेवा रास्तों को पैदल ही पार किया ताकि शुभ मुहूर्त में सात फेरे लिए जा सकें।
चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए प्रशासन का अलर्ट
इस अनोखी शादी की चर्चा पूरे देवभूमि में हो रही है, लेकिन इसके साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं। मौसम विभाग की भारी चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों के लिए कड़ा अलर्ट जारी किया है। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन की टीमें सड़कों को दोबारा खोलने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार ग्राउंड पर मुस्तैद हैं।