देहरादून। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़, हरिद्वार सहित प्रदेश के नौ जिले में अगले 24 घंटे के अंदर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश की आशंकाओं के मद्देनजर मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने इन नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ ही कहीं-कहीं बिजली गिरने की भी आशंका जाहिर की है। मौसम विज्ञान का कहना है कि उपरोक्त नौ जिलों में नदियों, नालों के किनारे बसे लोगों के साथ ही भूस्खलन संभावित इलाकों में बसे लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
इसे साथ ही इन नौ जिलों में आपदा प्रबंधन से जुड़े अफसरों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें नदियों के जलस्तर पर नजर रखने के साथ ही भूस्खलन और बादल फटने से आने वाली आपदाओं से भी सतर्क रहने और सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। देहरादून की जिलाधिकारी सोनिका ने आपदा नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण करने के साथ ही रिस्पना, बिंदाल नदियों के किनारे बसी बस्तियों का भी दौरा किया और सुरक्षा के सारे एहतियाती कदम उठाने के निर्देश मातहतों को दिए।
स्कूलों को किया गया बंद
आईएमडी से जारी चेतावनी के बाद जिला प्रशासन की तरफ से राज्य के छह जिलों टिहरी, बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ में बुधवार यानी आज सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। टिहरी में कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित करने के साथ ही एडीएम रामजी शरण शर्मा ने आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का आदेश दिया है। हालांकि इस दौरान प्रधानाचार्य, शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मी स्कूलों में उपस्थित रहेंगे।
30 से अधिक गांवों में बाढ़ का रेड अलर्ट
रुड़की जिले में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदियों किनारे बसे 30 से अधिक गांवों में रेड अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को प्रशासनिक अफसरों ने जोगावाला, दाबकी खेड़ा, नाईवाला और चंद्रपुरी खादर गांव का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों को नदियों के आसपास से दूर जाने की अपील की है। इसके अलावा बालावाली, भिक्कमपुर, गोवर्धनपुर व माड़ाबेला की बाढ़ राहत चौकियों को भी अलर्ट मोड़ पर रखा गया है।
इधर देहरादून में भी विकासनगर, सहिया, चकराता जैसे इलाकों में आपदा संभावित इलाकों में भी मंगलवार को आपदा प्रबंधन की टीमें पहुंची और हालात का जायजा लिया। क्षेत्र का जायजा लेने के बाद जिला प्रशासन ने भूस्खलन संभावित इलाकों में जेसीबी के साथ ही एंबुलेंस तैनात कर दी गई। बाद में जिलाधिकारी ने अफसरों के साथ बैठक कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा भी की।
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