बालिकाओं को योगी सरकार ने दी बड़ी सौगात, विवाह योग्य होने पर परिजनों को मिलेंगे…

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना में अपने माता-पिता और अभिभावकों को खोने वाले बच्चोंं की परवरिश, शिक्षा और विवाह के लिए प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं शुरू किया है।

लखनऊ।। गोरखपुर दौरे के तीसरे दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि देश व दुनिया में कोरोना महामारी के कारण भारी क्षति हुई है। पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जीवन और जीविका दोनों को बचाने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। उसके अपेक्षित परिणाम भी सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना में अपने माता-पिता और अभिभावकों को खोने वाले बच्चोंं की परवरिश, शिक्षा और विवाह के लिए प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं शुरू किया है। बताया कि कोरोना महामारी के दौरान कई जगहों से यह सुझाव आ रहे थे कि जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खोया है या कमाउं सदस्य को खोया है। उन बच्चों के लिए सरकार को एक योजना चलानी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कई योजनाओं जैसे गरीब कल्याण योजना,आत्मनिर्भर भारत की पैकेज की घोषणा के बाद हर गरीब जरूरत मंद के लिए खाद्यान्न देने की घोषणा की। आज यूपी में 15 करोड़ लोग खाद्यान्न पा रहे हैं। जिन बच्चों के माता- पिता या अभिभावक की मौत इस महामारी के कारण हुई हैं। उन सबके प्रति भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए केन्द्र व राज्य सरकार ने अपनी घोषणाएं की है।

उन्होंने बताया कि गोरखपुर जनपद में छह ऐसे बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता- पिता को खोया है। मैंने उन बच्चों से मुलाकात की है। 174 बच्चों ने परिवार के कमाउं सदस्य को खोया है। उन सब के बारे में केन्द्र व राज्य सरकार ने उनके संरक्षण के लिए एक योजना लागू की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री बालसेवा योजना के तहत जिन बच्चों के माता- पिता की दुखद मौत हुई है। उन्हें 18 वर्ष की आयु तक चार हजार रूपये हर महिने दिया जायेगा। उनकी पढ़ाई लिखायी की व्यवस्था के लिए बाल संरक्षण के माध्यम से बालिकाएं हैं तो कस्तूरबा गांधाी के माध्यम से अटल आवासीय विद्यालयों में भी उन बच्चों को आधुनिक शिक्षा दिलाने की व्यापक कार्य योजना के साथ सरकार कार्य कर रही है।

बताया कि 18 वर्ष से ऊपर के लड़के जो आधुनिक व तकनिकी शिक्षा से जुडें है या उच्च शिक्षा का कोई कोर्स कर रहे हैं। उनकी निशुल्क शिक्षा देने की बात को भी सरकार ने संज्ञान में लिया है। बालिकाओं के बारे में भी इसी तरह की एक योजना सरकार ने तैयार की है, जो बालिकाएं शादी विवाह के योग्य होंगी उनके लिए राज्य सरकार ‘एक लाख एक हजार रूपये’ उन परिवारों को उपलब्ध करायेगी। हर संभव सहयोग उन परिवारों को करने के साथ बाल संरक्षण गृह में पहले से ही यह व्यवस्था है कि जो बच्चे वहां पढ़ते हों उनके लिए दो हजार रूपये प्रतिमाह देने की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि सौ वर्षो की सबसे भीषण इस महामारी के खिलाफ देश को सामूहिक लड़ाई के रूप में लेना चाहिए। जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। बीमारी आने पर उपचार में कोई संकोच न करना। आज देश के अंदर पहले से ही दो टीके हैं। टीकाकरण युद्ध स्तर पर जारी है। अगले माह तक तमाम अन्य वैक्सीन भी मार्केट में आ रही है। इसको और बढ़ाने की आवश्यकता है। टेस्ट व वैक्सीनेशन से न भागे। यही कोरोना से बचाव के लिए अस्त्र है।

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