योगी सरकार ने भर्ती प्रकरण में की बड़ी कार्रवाई, परीक्षा में गड़बड़ी करने वाला मास्टर माइंड समेत 11 अभियुक्त गिरफ्तार

योगी सरकार ने एसआईटी की ओर से ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं समाज कल्याण पर्यवेक्षक के 1953 पदों की भर्ती प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की है।

लखनऊ।। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की पहल पर एसआईटी ने भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले मास्टर माइंड आर.पी. यादव समेत 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों के पास से 44 लाख रुपये की भी बरामदगी हुई है।

 

 

सूत्रों के मुताबिक, योगी सरकार ने एसआईटी की ओर से ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं समाज कल्याण पर्यवेक्षक के 1953 पदों की भर्ती प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य अभियुक्त आर.पी. यादव सपा सरकार में पंचम तल पर रहे एक पूर्व नौकरशाह का भतीजा है। जानकारी मिली है कि मंगलवार को एसआईटी की विशेष टीम ने 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें से मुख्य अभियुक्त आर.पी. यादव के पास से 19 लाख, रामवीर से 17 लाख, सत्यपाल सिंह से 08 लाख यानी कुल 44 लाख रुपये की बरामदगी हुई है।

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं समाज कल्याण पर्यवेक्षक के 1953 पदों के लिए उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ द्वारा टी.सी.एस. संस्था के माध्यम से 22 व 23 दिसम्बर, 2018 को लिखित परीक्षा करायी गयी थी, जो निरस्त की जा चुकी है। टी.सी.एस. द्वारा एसआरएन कम्पनी, नई दिल्ली को स्कैनिंग का कार्य दिया गया। एसआरएन कम्पनी ने स्कैनिंग के.डी. इण्टर प्राईजेज से करायी।

इस मामले में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग विज्ञापन संख्या-02-परीक्षा-2018 के अन्तर्गत विज्ञापित प्रतियोगितात्मक परीक्षा, 2018 की लिखित परीक्षा में हुई अनियमितता के संबंध में थाना एसआईटी, लखनऊ में 02 मार्च को मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। एसआईटी की विवेचना में प्रकाश में आया कि उपरोक्त परीक्षा में सुनियोजित तरीके से व्यापक पैमाने पर धांधली कर अभ्यर्थियों से कई लाख रुपये वसूले गये। परीक्षा कराने वाली कम्पनियों के सदस्यों एवं प्रदेश स्तर पर दलालों द्वारा अभ्यर्थियों से सांठ-गांठ कर चिह्नित अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट्स को खाली छोड़ दिये गये थे।

जांच में यह भी पाया गया कि स्कैनिंग के दौरान स्कैनिंग टीम के सदस्य इन चिह्नित स्कैनिंग के पूर्व ही निकालकर कोमल उर्फ कमलेश सिंह पुत्र शभ्भू दयाल निवासी, ग्राम डहरा, पोस्ट उमरी कला थाना कांठ, मुरादाबाद, वर्तमान पता ग्राम कपोली बड़े हनुमान मंदिर के पीछे, थाना मड़ियांव लखनऊ को उपलब्ध करा देते थे।

बाद में ​कमलेश द्वारा इन खाली ओएमआर शीट्स को सम्पर्क में आये मऊ वर्तमान निवासी-8/194 जानकीपुर विस्तार, लखनऊ, दीपक वर्मा उर्फ बंटी वर्मा पुत्र मंशाराम वर्मा निवासी धारुपुर, पो. खेमापुर थाना गोसाईगंज, अयोध्या, राजीव जोसफ पुत्र स्व.डीआरएफ जोसफ निवासी 43 ए/बी आदर्श नगर टेढ़ी पुलिया थाना आलमबाग, लखनऊ, महेन्द्र सिंह पुत्र रामलखन सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट खर्रा जालौन, वर्तमान पता आर-804, शारदा अपार्टमेंट, गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ को उपलब्ध करा दिया जाता था। जिनके द्वारा ओएमआर शीट्स के सही गोलों को भरकर पुन: कमलेश उपरोक्त को वापस कर दिया जाता था। कमलेश द्वारा इन ओएमआर शीट्स को अपनी टीम के सदस्यों द्वारा स्कैनिंग के लिए आयोग के स्कैनिंग रूम में उपलब्ध करा दिया जाता था।

इस प्रकार आर.पी. यादव पुत्र परमानाथ यादव ग्राम व पोस्ट धनईपुर थाना करन्डा, गाजीपुर, वर्तमान पता डी-2/2116 सरजू अपार्टमेंट गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ, रामवीर सिंह पुत्र स्व. संतराम सिंह निवासी ग्राम ज्ञानपुर पोस्ट सैरनगीन, सम्बल, हयातनगर, हाल पता-जे-501 राप्ति अपार्टमेंट गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ, सत्यपाल सिंह पुत्र गजराम सिंह निवासी ग्राम-सहसपुरी, डिलारी, मुरादाबाद, वर्तमान पता-के-702 आरती अपार्टमेंट थाना गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ ने भी उक्त परीक्षा में सफल कराने के लिए कई अ​भ्यर्थियों से लाखों रुपये नगद के रूप में एकत्र किया।

इसके अलावा विमलेश कुमार कनौजिया पुत्र कन्हई कनौजिया, निवासी-बी-1/41 सेक्टर एफ के सामने गली नं.-7, अलीगंज लखनऊ मूल पता ग्राम नगवां, थाना-कोथावां, हरदोई। नीरज कुमार पुत्र मुनीम प्रसाद निवासी 538 क/1679 शिवलोक त्रिवेणीनगर 3, सीतापुर रोड थाना अलीगंज, लखनऊ। रो​हित कुमार पुत्र स्व. दीपक कुूमार निवासी 242 दौलतपुरा, जयप्रकाश नगर, थाना-सहानीगेट गाजियाबाद की भूमिका पायी गयी है। इसके अतिरिक्त अन्य संदिग्ध व्यक्तियों एवं फर्मो के संबंध में विवेचना अभी जारी है।

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