Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बठिंडा शहर के लिए यह दिन एक नई शुरुआत जैसा है। लंबे समय से पानी की कमी और खराब जल आपूर्ति से जूझ रहे इलाकों को अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। मान सरकार के नेतृत्व में AMRUT 2.0 योजना के तहत करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से जल आपूर्ति परियोजनाओं की शुरुआत की गई है, जिससे शहर के हजारों परिवारों की रोजमर्रा की सबसे बड़ी समस्या दूर होगी।
अब तक कई मोहल्लों में हालात ऐसे थे कि कभी नल सूखा रहता था तो कभी गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंचता था। यह समस्या सिर्फ असुविधा नहीं थी, बल्कि स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा सवाल भी बन चुकी थी। इन नए प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य केवल पाइपलाइन बिछाना नहीं है, बल्कि हर नागरिक को साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
अमरपुरा बस्ती से बदलेगा शहर का भविष्य
मान सरकार के नेतृत्व में बठिंडा के मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने अमरपुरा बस्ती में वॉटर सप्लाई सिस्टम प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। यह परियोजना AMRUT 2.0 के तहत तैयार की जा रही है, जिसमें आधुनिक और टिकाऊ तकनीक का इस्तेमाल होगा, ताकि आने वाले वर्षों तक पानी की समस्या दोबारा न खड़ी हो।
इस योजना के तहत शहर में दो पानी की टंकियां बनाई जाएंगी—एक अमरपुरा बस्ती में और दूसरी मॉडल टाउन फेज 4-5 में। दोनों टंकियों की क्षमता दो-दो लाख गैलन होगी। इसके साथ ही करीब 63,000 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे लगभग 8,600 घरों को नए कनेक्शन मिलेंगे और सीधे तौर पर करीब 35,000 लोगों को फायदा पहुंचेगा।
वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान
मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने बताया कि मॉडल टाउन फेज 4-5 और अमरपुरा बस्ती जैसे इलाकों में लोग अब तक पानी के लिए दूसरों पर निर्भर रहते थे। कई बार पानी उधार लेना मजबूरी बन गया था। अब इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पंजाब भर में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर घर तक जरूरी सुविधाएं पहुंचें और लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को दूर किया जाए।
स्वास्थ्य और भविष्य में निवेश
साफ पानी की उपलब्धता से बठिंडा के स्वास्थ्य हालात में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। दूषित पानी से होने वाली बीमारियां जैसे पेचिश, टाइफाइड और अन्य जलजनित रोगों में कमी आएगी। बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होगा और इलाज पर होने वाला खर्च भी घटेगा।
यह निवेश केवल वर्तमान जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य की नींव है। यह बठिंडा को धीरे-धीरे ‘जल सुरक्षित शहर’ की श्रेणी में लाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
भरोसे की नींव
जब सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता देकर समाधान करती है, तो जनता और सरकार के बीच भरोसा और मजबूत होता है। यह 26 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सेवा और विकास की सोच का प्रमाण है।
बठिंडा के लोगों के लिए यह परियोजना राहत, सम्मान और बेहतर जीवन का संदेश लेकर आई है। आने वाले समय में नल से साफ पानी और लोगों के चेहरों पर संतोष की मुस्कान—यही इस योजना की असली सफलता होगी।
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