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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 9 वर्षों में आधी आबादी यानी महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और स्वावलंबन को अपनी राजनीति के केंद्र में रखा है। सरकार के ताजा आंकड़े बताते हैं कि कन्या सुमंगला से लेकर बीसी सखी जैसी योजनाओं ने जमीनी स्तर पर महिलाओं की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है।

आर्थिक सशक्तिकरण: बीसी सखी और स्वयं सहायता समूह

योगी सरकार ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि 'अर्थव्यवस्था की धुरी' बनाया है:

बीसी सखी (BC Sakhi) का कमाल: ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं पहुँचाने वाली बीसी सखियों ने ₹42,711 करोड़ से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर एक नया कीर्तिमान रचा है। इन महिलाओं ने इसके जरिए ₹116 करोड़ का लाभांश (Profit) भी कमाया।

स्वयं सहायता समूह (SHG): प्रदेश की 1 करोड़ से ज्यादा महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

विद्युत सखी: 15,409 विद्युत सखियों ने ₹3,207 करोड़ का बिजली बिल कलेक्शन किया और ₹41.3 करोड़ का कमीशन प्राप्त किया।

श्रम बल में ऐतिहासिक उछाल

योगी सरकार की नीतियों और सुरक्षित माहौल का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश के कार्यक्षेत्र (Workforce) में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है:

LFPR में वृद्धि: वर्ष 2017 से पहले महिला श्रम बल की भागीदारी लगभग 13 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुँच गई है।

नाइट शिफ्ट की अनुमति: सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक महिलाओं को काम करने की आजादी दी, जिससे उनके करियर के नए रास्ते खुले।

प्रमुख योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड

योजना का नामलाभान्वित संख्या / प्रभाव
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला26.81 लाख बेटियों को आर्थिक सहायता।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह5.20 लाख से ज्यादा बेटियों का सम्मानजनक विवाह।
लखपति दीदी योजना18.55 लाख महिलाएं 'लखपति' की श्रेणी में आईं।
निराश्रित महिला पेंशनपेंशन राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 मासिक की गई।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ2.85 करोड़ महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया गया।

सुरक्षा और सम्मान: मिशन शक्ति का असर

योगी सरकार ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिलाओं के मन से डर निकाला है:

महिला हेल्पलाइन (181): इसके जरिए 8.42 लाख से ज्यादा महिलाओं को आपातकालीन मदद पहुँचाई गई।

रानी लक्ष्मीबाई कोष: जघन्य अपराधों से पीड़ित 14 हजार से ज्यादा महिलाओं को ₹511 करोड़ की आर्थिक क्षतिपूर्ति प्रदान की गई।

पीएम स्वनिधि: 2 लाख से ज्यादा महिला रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को अपना काम शुरू करने के लिए लोन दिया गया।

सामाजिक सुरक्षा में 5 गुना वृद्धि

सरकार ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पेंशन राशि में पिछले 9 वर्षों में 5 गुना तक की वृद्धि की है। साथ ही, अनुपूरक पुष्टाहार योजना के माध्यम से 2 करोड़ 12 लाख बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण का ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट मानना है कि जब नारी सशक्त होगी, तभी उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश से सर्वोत्तम प्रदेश की ओर बढ़ेगा।