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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : महाराष्ट्र के आईटी हब पुणे से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नासिक की टीसीएस कंपनी में चल रहे विवाद की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। एक सोशल मीडिया यूजर के सनसनीखेज दावे के बाद महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इस मामले में दखल दिया है, जिससे कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप मच गया है।

X (ट्विटर) पर शिकायत: लड़कियों के उत्पीड़न का दावा

सोमवार को एक 'X' उपयोगकर्ता ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री नितेश राणे को टैग करते हुए एक गंभीर पोस्ट साझा की। यूजर ने दावा किया कि पुणे स्थित इंफोसिस बीपीएम (Infosys BPM) की 'डेमलर परियोजना' (Daimler Project) में काम करने वाली कई लड़कियां "जिहादी उत्पीड़न" का शिकार हो रही हैं। यूजर ने सीधे तौर पर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की, जिस पर नितेश राणे ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जवाब दिया— "नोट कर लिया गया है (Noted)"।

TCS नासिक का 'नमाज और गोमांस' विवाद बना आधार

यह मामला इसलिए भी गंभीर हो गया है क्योंकि हाल ही में नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की आठ महिला और एक पुरुष कर्मचारी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। उन शिकायतों में दावा किया गया था कि उन्हें जबरन नमाज पढ़ने, गोमांस खाने और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। टीसीएस मामले में नासिक पुलिस की एसआईटी (SIT) पहले ही निदा खान को मुख्य साजिशकर्ता बताते हुए छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

टाटा संस के चेयरमैन ने कहा- 'गंभीर चिंता का विषय'

टीसीएस मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इसे "बेहद चिंताजनक और परेशान करने वाला" बताया है। कंपनी ने मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमणियन के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने महिला कर्मचारियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका शोषण किया और उन्हें विशेष धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए मजबूर किया।

मंत्री नितेश राणे का कड़ा रुख: 'कॉर्पोरेट जिहाद' बर्दाश्त नहीं

पुणे इंफोसिस की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए नितेश राणे ने इसे "कॉर्पोरेट जिहाद" करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आईटी कंपनियों के भीतर ऐसा माहौल बनाना समाज और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। राणे ने कंपनियों के मानव संसाधन (HR) विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अपील की है कि यदि किसी अन्य कंपनी में भी ऐसी गतिविधियां हो रही हैं, तो पीड़ित बिना डरे आगे आएं, सरकार उनकी सुरक्षा और न्याय की पूरी गारंटी लेती है।