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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के रुड़की में उस समय हड़कंप मच गया, जब मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के आसफनगर झाल में गंगनहर के पानी के साथ 13 गोवंश के शव बहकर आकर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नहर में एक साथ इतने गोवंश के शव दिखाई देने के बाद लोगों ने तुरंत पुलिस और सामाजिक संगठनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे हिंदू संगठनों ने घटना को जानबूझकर अंजाम दी गई साजिश बताया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।

JCB की मदद से निकाले गए शव

सूचना मिलते ही मंगलौर कोतवाली पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची। हालात को देखते हुए पुलिस ने JCB मशीन मंगवाकर नहर में फंसे सभी गोवंश के शवों को बाहर निकलवाया। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों और संगठनों के कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा रही।

‘संगठित गिरोह की भूमिका’ का आरोप

हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गोवंश को जानबूझकर नहर में बहाया गया, जिसके पीछे किसी संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि दोषियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

पुलिस ने दिया जांच का भरोसा

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गोवंश के शव कहां से आए, उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।