Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले का ठुलीगाड़ में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल क्षेत्र के विकास के लिए 74.54 करोड़ रुपये की नौ योजनाओं की सौगात दी, बल्कि कड़े शब्दों में चेतावनी भी दी कि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर घृणित और कट्टरपंथी विचारधारा को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दिया जाएगा। सीएम ने घुसपैठियों और तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया।
"जिन्हें कांग्रेस ने शरण दी, उन्हें हमने बाहर का रास्ता दिखाया"
मुख्यमंत्री धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए सीधा आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों की ढुलमुल नीतियों के कारण देवभूमि की अस्मिता खतरे में थी। उन्होंने कहा:
"हमारी सख्त कार्रवाई से कांग्रेस को तकलीफ इसलिए हो रही है क्योंकि जिन घुसपैठियों को उन्होंने देवभूमि में शरण दी थी, हमारी सरकार ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जब भी हम जनहित में कोई कठोर निर्णय लेते हैं, तो कांग्रेस की 'अर्बन नक्सल टूलकिट' तुरंत सक्रिय होकर जनता को भटकाने की कोशिश करती है।"
पूर्णागिरि धाम का होगा कायाकल्प: साल भर संचालित होगा मेला
मुख्यमंत्री ने संकल्प दोहराया कि पूर्णागिरि मेले को अब केवल सीजनल न रखकर पूरे वर्ष संचालित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। धाम को स्थायी और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने और मूलभूत सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए मास्टर प्लान पर काम शुरू हो चुका है।
लोहाघाट में हिमवीरों संग मनाई होली: जवानों का बढ़ाया मान
मेले के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री लोहाघाट स्थित 36वीं वाहिनी आईटीबीपी (ITBP) कैंप पहुंचे। यहाँ उन्होंने विषम परिस्थितियों में सीमा की रक्षा कर रहे 'हिमवीरों' के साथ होली की खुशियां बांटी और उन्हें उपहार भेंट किए। सीएम ने कहा कि जब पूरा देश त्योहार मनाता है, तब हमारे जवान अपने परिवारों से दूर रहकर मातृभूमि की रक्षा में समर्पित रहते हैं। उनका यह त्याग पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है।
विकास की सौगात: 74.54 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण
सीएम धामी ने चंपावत जिले के विकास को गति देने के लिए करोड़ों की विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार के निर्णय राजनीति के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य और यहाँ की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए लिए जा रहे हैं। विपक्ष की 'अपच' पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की जागरूक जनता सब समझती है।




