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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को धर्मनगरी हरिद्वार के दौरे पर रहे, जहाँ उनके कार्यक्रम में शासन और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत डामकोठी में महत्वपूर्ण बैठक के साथ की, जिसमें आगामी कुंभ मेले की तैयारियों और विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई। इसके बाद सीएम धामी ने जगतगुरु आश्रम पहुँचकर अध्यात्म की शरण ली और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

डामकोठी में अधिकारियों की क्लास, कुंभ कार्यों पर पैनी नजर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डामकोठी पहुँचते ही अधिकारियों के साथ कुंभ कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े सभी निर्माण कार्य और व्यवस्थाएं समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बुनियादी ढांचा, सड़क सुधार और घाटों के सौंदर्यीकरण को लेकर सीएम ने कड़े रुख में फीडबैक लिया।

पूजा-अर्चना के बाद जगतगुरु आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री

बैठक और व्यक्तिगत पूजा अनुष्ठान के कार्यों को संपन्न करने के बाद मुख्यमंत्री धामी का काफिला जगतगुरु आश्रम की ओर रवाना हुआ। यहाँ पहुँचकर उन्होंने जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से भेंट की। मुख्यमंत्री ने शंकराचार्य के चरणों में शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान दोनों के बीच प्रदेश की खुशहाली और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर अनौपचारिक चर्चा भी हुई।

संतों का सानिध्य और प्रदेश की प्रगति का संकल्प

जगतगुरु शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि संतों का मार्गदर्शन सदैव उन्हें ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार देवभूमि के मूल स्वरूप को बचाए रखते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रतिबद्ध है। हरिद्वार के विकास और कुंभ की भव्यता को लेकर मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन में भी हलचल तेज हो गई है।