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Prabhat Vaibhav,Digital Desk :  बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में मिली 1-2 की शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है। टीम की हार से ज्यादा चर्चा इस वक्त स्टार बल्लेबाज बाबर आजम को टीम से बाहर किए जाने को लेकर हो रही है। ताज्जुब की बात यह है कि इस फैसले को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के भीतर ही भ्रम की स्थिति बनी हुई है। चयनकर्ता आकिब जावेद, मुख्य कोच माइक हेसन और खुद बाबर आजम के विरोधाभासी बयानों ने इस पूरे मामले को एक पहेली बना दिया है, जिससे फैंस और क्रिकेट पंडित हैरान हैं।

बयानों के भंवर में फंसा 'बाबर' का भविष्य

दरअसल, इस पूरे विवाद की जड़ टीम के शीर्ष अधिकारियों के अलग-अलग दावे हैं। एक ओर जहां चयनकर्ता आकिब जावेद टीम कॉम्बिनेशन और नई रणनीति का हवाला दे रहे हैं, वहीं मुख्य कोच माइक हेसन के सुर कुछ अलग ही नजर आ रहे हैं। इस बीच, खुद बाबर आजम के बयानों ने आग में घी डालने का काम किया है। इन अलग-अलग दावों के कारण अब यह साफ नहीं हो पा रहा है कि बाबर को वाकई आराम दिया गया था या उन्हें खराब फॉर्म के चलते ड्रॉप किया गया है। टीम के भीतर मचे इस घमासान का सीधा असर मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज के नतीजों में साफ देखने को मिला।

क्या बाबर को बाहर करना पीसीबी की बड़ी भूल थी?

बांग्लादेश से सीरीज गंवाने के बाद अब पाकिस्तान के पूर्व दिग्गजों ने भी चयन समिति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। चर्चा इस बात पर जोरों पर है कि क्या इतने महत्वपूर्ण दौरे से पूर्व कप्तान और दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में शुमार बाबर आजम को बाहर रखना सही फैसला था? आलोचकों का मानना है कि सीरीज के अहम मोड़ पर टीम को एक अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत थी, लेकिन व्यक्तिगत ईगो और आपसी तालमेल की कमी के कारण पाकिस्तान को यह सीरीज गंवानी पड़ी।

नेतृत्व और चयन प्रक्रिया पर गहराया संकट

पाकिस्तान क्रिकेट में यह पहली बार नहीं है जब चयन प्रक्रिया को लेकर इतना बड़ा विवाद खड़ा हुआ हो, लेकिन इस बार कोच और चयनकर्ताओं के बीच का मतभेद सार्वजनिक हो चुका है। माइक हेसन की कार्यशैली और आकिब जावेद के कड़े रुख ने टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। बोर्ड के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इस 'भ्रम' को दूर करने की है। यदि जल्द ही चयन नीति में स्पष्टता नहीं लाई गई, तो आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों पर भी पाकिस्तान क्रिकेट को इसी तरह की फजीहत का सामना करना पड़ सकता है।