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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : चंडीगढ़ की लाइफलाइन मानी जाने वाली सुखना लेक स्मार्टसिटी का प्रमुख जलाशय है। इसे साइलेंस जोन घोषित किया गया है, लेकिन यहां पर तेज डेसिबल वाले म्यूजिक सिस्टम और एम्प्लीफाइड साउंड का लगातार इस्तेमाल हो रहा है। शहरवासियों ने इस शोरगुल पर आपत्ति जताई और जिला उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा प्रदूषण नियंत्रण समिति को शिकायत भेजी।

सामाजिक कार्यकर्ता का कड़ा एतराज
सामाजिक कार्यकर्ता और एनजीओ संस्थापक पवीला बाली ने सुखना लेक क्षेत्र में तेज म्यूजिक सिस्टम पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को पत्र लिखा और साइलेंस जोन में लाउडस्पीकर तथा म्यूजिक सिस्टम के प्रयोग पर रोक लगाने की मांग की।

पर्यावरणीय और वन्यजीव प्रभाव
सुखना लेक और उसका कैचमेंट एरिया पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील है। यहां अनुसूची-1 की सात से अधिक वन्यजीव प्रजातियां पाई जाती हैं। तेज आवाज से पक्षियों और वन्यजीवों के आवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी संतुलन खतरे में पड़ सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य पर असर
सुखना लेक न केवल नागरिकों बल्कि पर्यटकों के लिए योग, ध्यान और शांति का केंद्र है। लगातार तेज आवाज वाले कार्यक्रम इस शांत वातावरण को भंग कर रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

शहरवासियों की मांगें

सुखना लेक में उच्च डेसिबल डीजे और म्यूजिक सिस्टम पर तत्काल रोक

साइलेंस जोन नियमों का सख्ती से पालन

नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

भविष्य में आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और अनुमति प्रक्रिया