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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से वाणिज्यिक उड़ानों के शुरू होने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) की हालिया बोर्ड बैठक में यह तय किया गया है कि मई 2026 के अंत तक जेवर एयरपोर्ट से घरेलू और कार्गो (मालवाहक) उड़ानें विधिवत रूप से शुरू हो जाएंगी। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाली है।

पहले चरण में जुड़ेंगे 17 शहर

हवाई अड्डा प्रशासन ने शुरुआती परिचालन के लिए 17 घरेलू मार्गों का चयन किया है। हालांकि शहरों की आधिकारिक सूची का खुलासा अभी नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, इसमें निम्नलिखित प्रमुख केंद्रों को प्राथमिकता दी गई है:

मेट्रो शहर: मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता।

क्षेत्रीय केंद्र: लखनऊ, वाराणसी, आगरा और उत्तर भारत के अन्य वाणिज्यिक शहर।

एयरलाइंस: प्रबंधन ने तीन बड़ी एयरलाइनों के साथ समझौता कर लिया है। शुरुआत में यात्रियों के लिए 'लो-कॉस्ट' (किफायती) एयरलाइनों को वरीयता दी जा रही है। घरेलू उड़ानों के सफल संचालन के बाद ही अंतरराष्ट्रीय रूट खोले जाएंगे।

अद्भुत क्षमता: हर 2 मिनट में एक टेक-ऑफ/लैंडिंग

जेवर एयरपोर्ट की तकनीकी क्षमता इसे दुनिया के बेहतरीन हवाई अड्डों की कतार में खड़ा करती है।

स्मार्ट रनवे: यहाँ का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और रनवे डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि हर 120 सेकंड यानी 2 मिनट में एक विमान उड़ान भर सकेगा या उतर सकेगा।

विस्तार योजना: वर्तमान में 28 पार्किंग स्टैंड तैयार हैं। अगले दो वर्षों में 300 करोड़ रुपये के निवेश से 25 नए विमान पार्किंग स्टैंड और विकसित किए जाएंगे।

सुविधाएं: बिजनेस क्लास यात्रियों के लिए वर्ल्ड-क्लास लाउंज और हवाई अड्डा परिसर के भीतर एक आलीशान होटल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है, जिसका लक्ष्य दिसंबर 2026 तक पूरा होना है।

सुरक्षा मंजूरी और लाइसेंस का काम अंतिम चरण में

यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह के अनुसार, गृह मंत्रालय (MHA) की कुछ तकनीकी आपत्तियों को दूर कर लिया गया है। एयरपोर्ट लाइसेंस और ASP सुरक्षा मंजूरी इसी महीने मिलने की संभावना है। सभी क्लियरेंस मिलते ही मई के आखिरी हफ्ते से रनवे पर विमानों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।

UP की 'वन ट्रिलियन इकोनॉमी' का बनेगा इंजन

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति का बड़ा केंद्र बनेगा:

निर्यात को पंख: कार्गो उड़ानों के शुरू होने से नोएडा, अलीगढ़ और आगरा के ओडीओपी (ODOP) उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुँच मिलेगी।

रोजगार के अवसर: एयरपोर्ट के चालू होते ही लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और पर्यटन क्षेत्र में हजारों नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।

IGI एयरपोर्ट का बोझ होगा कम: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने में जेवर एयरपोर्ट मील का पत्थर साबित होगा।