Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल करते हुए एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित किया है। प्रदेश के 5446 गो-आश्रय स्थलों को अब सीधे सीसीटीवी निगरानी से जोड़ दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस 'हाईटेक मॉडल' का उद्देश्य गोवंश की सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य और खान-पान में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अब लखनऊ में बैठे अधिकारी भी प्रदेश के किसी भी कोने में स्थित गोशाला की जमीनी हकीकत एक क्लिक पर देख सकेंगे।
आंकड़ों में गो-सेवा की डिजिटल निगरानी
प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट के तहत सुरक्षा और प्रबंधन का एक मजबूत जाल बिछाया है:
कुल गो-आश्रय स्थल: 5,446 (सीसीटीवी से लैस)
कुल स्थापित कैमरे: 7,592
सक्रिय कमांड सेंटर: 56 जनपदों में कंट्रोल रूम पूरी तरह सक्रिय हैं।
आगामी लक्ष्य: शेष 19 जनपदों में सीएसआर (CSR) फंड के जरिए जल्द ही कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।
सीसीटीवी निगरानी से क्या बदलेगा? (मुख्य लाभ)
इस डिजिटल पहल का सीधा असर गोवंश की देखभाल की गुणवत्ता पर पड़ने वाला है:
24x7 मॉनिटरिंग: पशुओं के खान-पान, साफ-सफाई और उनके स्वास्थ्य की हर समय निगरानी संभव होगी।
लापरवाही पर लगाम: यदि किसी केंद्र पर समय से चारा या पानी नहीं दिया जाता, तो सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शिता: सरकारी धन के उपयोग और चारे की उपलब्धता को लेकर होने वाली शिकायतों में कमी आएगी।
सुरक्षा: गो-आश्रय स्थलों से गोवंश की चोरी या किसी बाहरी अप्रिय घटना को रोकने में यह तकनीक 'तीसरी आंख' का काम करेगी।
त्वरित निर्णय: किसी भी बीमारी या आपात स्थिति में कंट्रोल रूम के जरिए विशेषज्ञों से तुरंत संपर्क कर चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
प्रशासनिक जवाबदेही और 'कमांड सेंटर'
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार, यह प्रणाली केवल निगरानी के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता का विश्वास जीतने के लिए है।
नियमित ऑडिट: सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि कैमरों की फीड का नियमित ऑडिट किया जाए।
रखरखाव: यदि कोई कैमरा खराब होता है, तो उसे तत्काल ठीक कराने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
इंटीग्रेटेड सिस्टम: जल्द ही पूरे प्रदेश के 75 जिलों को एक एकीकृत (Integrated) निगरानी तंत्र से जोड़ दिया जाएगा, जिससे यूपी गो-सेवा के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।




