Prabhat Vaibhav, Digital Desk : सिरदर्द हो, बदन दर्द या हल्का बुखार, आजकल लोग बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से पेनकिलर (Painkillers) खरीदकर खाना सामान्य बात समझते हैं। यह दवाएं तुरंत राहत तो देती हैं और आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी जेब में रखी ये गोलियां आपके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के लिए 'साइलेंट किलर' भी साबित हो सकती हैं? विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दर्द निवारक दवाओं का गलत और अत्यधिक इस्तेमाल अंगों को स्थायी रूप से डैमेज कर सकता है।
किडनी पर मंडराता है सबसे बड़ा खतरा
नेशनल किडनी फाउंडेशन (National Kidney Foundation) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक या हाई डोज में सेवन गुर्दे (Kidneys) की कार्यप्रणाली को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। ये दवाएं किडनी में होने वाले रक्त प्रवाह (Blood Flow) को कम कर देती हैं और उसके नाजुक ऊतकों (Tissues) को नुकसान पहुंचाती हैं। अगर आपको पहले से ही किडनी की कोई समस्या है या आपकी उम्र अधिक है, तो ये दवाएं आपके लिए और भी घातक हो सकती हैं।
इन लोगों को रहना चाहिए सबसे ज्यादा सतर्क
पेनकिलर्स का असर हर किसी पर एक जैसा नहीं होता। कुछ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए ये दवाएं जहर के समान असर कर सकती हैं:
हृदय रोगी: दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए पेनकिलर का अनियंत्रित सेवन जोखिम बढ़ा सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर: उच्च रक्तचाप के मरीजों में यह दवाओं के असर को कम कर सकती हैं और किडनी पर दबाव बढ़ाती हैं।
निर्जलीकरण (Dehydration): अगर आपके शरीर में पानी की कमी है और आप पेनकिलर लेते हैं, तो गुर्दों पर इसका दोगुना बुरा असर पड़ता है।
दवा लेने से पहले गांठ बांध लें ये जरूरी बातें
दर्द से राहत पाने के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता न करें। इन सुरक्षा सुझावों का पालन जरूर करें:
न्यूनतम डोज: हमेशा कोशिश करें कि कम से कम मात्रा में और कम से कम समय के लिए ही दवा लें।
लेबल जरूर पढ़ें: दवा के पत्ते पर लिखे निर्देशों और साल्ट (Ingredients) को ध्यान से देखें। एक साथ कई ऐसी दवाएं न लें जिनमें एक ही जैसे तत्व हों।
डॉक्टर की सलाह अनिवार्य: बिना मेडिकल परामर्श के 2-3 दिन से ज्यादा लगातार पेनकिलर न खाएं।
कब है डॉक्टर के पास जाने का सही समय?
यदि आप किसी पुराने दर्द (Chronic Pain) के कारण लंबे समय से दवाएं ले रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। एक साधारण ब्लड टेस्ट या यूरिन टेस्ट के माध्यम से डॉक्टर यह पता लगा सकते हैं कि इन दवाओं का आपकी किडनी पर क्या असर पड़ रहा है। शुरुआती जांच आपको किसी बड़ी अनहोनी या अंग फेलियर (Organ Failure) से बचा सकती है।
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