Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ईरान में गहराते सैन्य संघर्ष और युद्धविराम के बाद उपजे अनिश्चित हालातों के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़ा कदम उठाया है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक बेहद गंभीर सुरक्षा सलाह (Security Advisory) जारी करते हुए वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को यथाशीघ्र देश छोड़ने का निर्देश दिया है। क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए दूतावास ने स्पष्ट किया है कि भारतीयों की जान बचाना इस वक्त सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दूतावास की सख्त हिदायत: 'सुझाए गए रास्तों का ही करें इस्तेमाल'
7 अप्रैल के हालिया घटनाक्रमों और युद्ध के मोर्चे पर हो रही हलचल को देखते हुए दूतावास ने अपनी नई गाइडलाइन में कहा है कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक बिना किसी देरी के दूतावास द्वारा बताए गए सुरक्षित मार्गों का पालन करते हुए देश से बाहर निकल जाएं। सलाह में विशेष रूप से चेतावनी दी गई है कि कोई भी नागरिक दूतावास से परामर्श किए बिना किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) की ओर जाने का प्रयास न करे। किसी भी आपात स्थिति के लिए दूतावास ने विशेष हेल्पलाइन नंबर भी एक्टिव कर दिए हैं।
48 घंटे के 'लॉकडाउन' के बाद अब निकासी की तैयारी
इससे पहले दूतावास ने एक अंतरिम सलाह जारी की थी जिसमें भारतीयों को अगले 48 घंटों तक अपने घरों या ठिकानों के भीतर ही रहने को कहा गया था। पिछले 48 घंटों से भारतीय नागरिकों को बिजली के उपकरणों, सैन्य ठिकानों और ऊंची इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई थी। हाईवे पर यात्रा करने को लेकर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन अब स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सभी को वहां से निकलने की सलाह दी है।
सीमा पार करने की कोशिश पर सख्त मनाही
भारतीय दूतावास ने साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में जमीनी सीमाओं (Land Borders) को पार करने का प्रयास न किया जाए जब तक कि दूतावास से इसकी आधिकारिक अनुमति न मिल जाए। यह निर्देश युद्ध क्षेत्र में होने वाली गोलाबारी और अवैध घुसपैठ के खतरों को देखते हुए दिया गया है। भारत सरकार लगातार तेहरान के संपर्क में है और भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी के लिए हर संभव विकल्पों पर विचार कर रही है। ईरान में हजारों की संख्या में भारतीय छात्र और पेशेवर कार्यरत हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर भारत में चिंताएं बढ़ गई हैं।




