Prabhat Vaibhav, Digital Desk : पश्चिम एशिया (West Asia) में युद्ध के बादल अब और गहरे हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया को डरा दिया है। ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) को हाई-अलर्ट पर सक्रिय कर दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी आसमान में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या शत्रुतापूर्ण मिसाइलों को रोकने के लिए 'सर्फेस टू एयर' डिफेंस मैकेनिज्म को पूरी तरह तैनात किया जा चुका है।
इजरायल का रुख: 'लक्ष्य निर्धारित हैं, आदेश का इंतजार'
ईरान की इन सैन्य तैयारियों के बीच इजरायल ने भी अपनी मंशा साफ कर दी है। इजरायली रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि उनकी सेना ने ईरान के भीतर संभावित हमलों के लिए लक्ष्य (Targets) चुन लिए हैं। काट्ज़ ने संकेत दिया कि इजरायली वायुसेना और मिसाइल यूनिट्स पूरी तरह तैयार हैं और वे केवल अमेरिका की 'हरी झंडी' यानी आधिकारिक सहमति का इंतजार कर रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना जंग का मैदान
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि समुद्र में बारूदी सुरंग (Mines) बिछाने वाली ईरान की किसी भी छोटी नाव को देखते ही तुरंत नष्ट कर दिया जाए। ट्रंप ने दावा किया है कि इस समय महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण है।
ईरान की बड़ी शर्त: तेहरान ने जलमार्ग खोलने के बदले अमेरिका के सामने अपनी 11 ट्रिलियन डॉलर की फ्रीज की गई संपत्ति को रिलीज करने की शर्त रखी है।
जहाज की जब्ती: हाल ही में दुबई से गुजरात जा रहे एक जहाज को ईरानी आईआरजीसी (IRGC) कमांडो द्वारा जब्त किए जाने के बाद भारत की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
भारतीय नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी
क्षेत्र में बिगड़ते हालातों को देखते हुए भारत सरकार ने सुरक्षा के कड़े कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एक नई ट्रैवल एडवायजरी जारी की है, जिसमें उन्हें तुरंत ईरान छोड़ने का निर्देश दिया गया है। भारत इस समय ईरान और खाड़ी देशों में मौजूद अपने हजारों नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है।
राजनयिक विवाद और अमेरिकी स्पष्टीकरण
इसी बीच, एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उपजे विवाद पर अमेरिकी दूतावास को सफाई देनी पड़ी। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा साझा की गई एक टिप्पणी में भारत के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल था, जिस पर प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ट्रंप भारत को अपना "महान मित्र" और एक सशक्त राष्ट्र मानते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटनाक्रम को संज्ञान में लिया है लेकिन फिलहाल इस पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।




