img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खुलने जा रहे हैं। यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों के पंजीकरण और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पंजीकरण के दूसरे दिन चंद्रापुरी और सिद्धसौड में लगाए गए विशेष शिविरों में भारी उत्साह देखा गया, जहां 326 नए लाइसेंस जारी किए गए।

दो दिन में 484 पंजीकरण: चंद्रापुरी और सिद्धसौड में लगे शिविर

पशुपालन विभाग और जिला पंचायत के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इन शिविरों में घोड़े-खच्चरों के स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर बीमा तक की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जिला पंचायत के कर निरीक्षक दिनेश नौटियाल के अनुसार, चंद्रापुरी शिविर में 126 और सिद्धसौड शिविर में 200 घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण किया गया। अब तक कुल दो दिनों में 484 घोड़े-खच्चरों को यात्रा संचालन के लिए वैध लाइसेंस मिल चुके हैं।

लाइसेंस के लिए क्या है अनिवार्य? ग्लैंडर्स रोग की भी हो रही जांच

प्रशासन इस बार यात्रा के दौरान पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर काफी सख्त है। लाइसेंस जारी करने से पहले प्रत्येक घोड़े-खच्चर का मेडिकल फिटनेस टेस्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही घातक 'ग्लैंडर्स' रोग की सैंपलिंग और पशुओं का बीमा अनिवार्य किया गया है। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही संचालक को आधिकारिक लाइसेंस सौंपा जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

पंजीकरण शुल्क का पूरा गणित: जानें कितना आएगा खर्च

घोड़ा-खच्चर स्वामियों को पंजीकरण के लिए निर्धारित शुल्क जमा करना पड़ रहा है। जिला पंचायत द्वारा प्रति पशु कुल 654 रुपये की फीस ली जा रही है, जिसमें:

लाइसेंस फीस: 400 रुपये

टोकन फीस: 30 रुपये

स्वामी बीमा: 40 रुपये

जीमैक्स टोकन फीस: 184 रुपये

इसके अतिरिक्त, संचालकों को संबंधित बीमा कंपनी को लगभग 3500 रुपये प्रति घोड़े के हिसाब से बीमा राशि का भुगतान करना होगा।

अगला पड़ाव: 28 फरवरी को इन गांवों में लगेंगे शिविर

पंजीकरण का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। प्रशासन द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार, 28 फरवरी को घंघासू बांगर और बक्सीर में पंजीकरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि होली के त्योहार के बाद पंजीकरण के लिए दूसरा रोस्टर जारी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय संचालकों को यात्रा से पहले लाइसेंस मिल सके।