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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : राजधानी के काकोरी इलाके में आतंक मचाने वाले शातिर लुटेरों के लिए यूपी पुलिस का नया 'यक्ष ऐप' काल साबित हुआ। महज एक घंटे के भीतर दो बड़ी लूट की वारदातों को अंजाम देकर जश्न मना रहे बदमाशों को पुलिस ने डिजिटल घेराबंदी कर मात्र 48 घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। सीसीटीवी फुटेज और यक्ष ऐप के डेटाबेस के मिलान ने अपराधियों के बच निकलने के सारे रास्ते बंद कर दिए।

एक घंटे में दो सनसनीखेज लूट: दहशत का तांडव

डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक, गिरफ्तार बदमाशों की पहचान काकोरी के दुर्गागंज निवासी अजय और उसके साथी दीपांशु उर्फ लक्की राजपूत के रूप में हुई है। इन दोनों ने मिलकर काकोरी इलाके में बैक-टू-बैक दो वारदातों को अंजाम दिया था:

पहली वारदात: कुशमौरा मोड़ पर रहीमाबाद निवासी सुमित तिवारी के साथ मारपीट कर उनका मोबाइल और बाइक लूट ली।

दूसरी वारदात: पहली घटना के ठीक बाद बदमाशों ने 10 किमी दूर मौंदा पेट्रोल पंप के पास मनोज रावत को निशाना बनाया और उनसे भी नकदी, मोबाइल व बाइक लूटकर फरार हो गए।

शराब के ठेके पर 'जश्न' पड़ा भारी

लूट की घटनाओं के बाद बदमाश बेखौफ होकर अपनी जीत का जश्न मनाने एक शराब की दुकान पर पहुंचे। नशेबाजी के दौरान उनकी तस्वीरें दुकान के बाहर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। यही फुटेज पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुई।

यक्ष ऐप (Yaksha App): कैसे हुआ अपराधी का खुलासा?

वारदात के खुलासे के लिए गठित तीन टीमों में से सर्विलांस टीम ने जब सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की फोटो निकाली और उसे यूपी पुलिस के 'यक्ष ऐप' पर अपलोड किया, तो तकनीक ने कमाल कर दिया।

ऐप में मौजूद प्रदेश भर के अपराधियों के रिकॉर्ड, फोटो और फेशियल रिकग्निशन के आधार पर मुख्य आरोपी अजय तुरंत ट्रेस हो गया।

अजय की पहचान होते ही पुलिस ने दबिश दी और उसे उसके साथी दीपांशु के साथ धर दबोचा। लूट की बाइक और मोबाइल भी बरामद कर लिए गए हैं।

क्या है 'यक्ष ऐप'? अपराधियों की डिजिटल कुंडली

विशेषताविवरण
लॉन्च तिथिदिसंबर 2025
लॉन्च कर्तापुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण
मुख्य डेटाअपराधियों का इतिहास, फोटो, वॉइस रिकॉर्डिंग, मोबाइल नंबर और वर्तमान पता।
कार्यप्रणालीबीट इंचार्ज और सिपाही अपराधियों का स्थलीय सत्यापन कर डेटा अपडेट करते हैं।
फायदासंदिग्ध की फोटो अपलोड करते ही उसकी पूरी क्राइम कुंडली और लोकेशन सामने आ जाती है।

पुलिस की सक्रियता और तकनीक का मेल

डीसीपी पश्चिम ने बताया कि यक्ष ऐप में अपराधियों का पूरा ब्योरा फीड है, जिसमें यह भी दर्ज होता है कि अपराधी जेल में है या बाहर। यदि वह बाहर है, तो उसकी वर्तमान स्थिति क्या है। इस ऐप ने पुलिस की जांच प्रक्रिया को बेहद तेज और सटीक बना दिया है, जिसका परिणाम काकोरी लूट कांड के सफल खुलासे के रूप में सामने आया है।