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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : आंध्र प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी की एक अफवाह ने पूरे राज्य में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। 'पैनिक बाइंग' (दहशत में खरीदारी) के चलते हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि लोग अपनी गाड़ियों के टैंक फुल कराने के साथ-साथ ड्रम और केन में भी ईंधन भर रहे हैं। इस अचानक बढ़ी मांग के कारण राज्य के 421 पेट्रोल पंपों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया है, जिसके चलते उन्हें अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। स्थिति को बिगड़ते देख मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू खुद मैदान में उतरे हैं।

अफवाहों ने बिगाड़ा खेल: सामान्य से 35% ज्यादा हुई खपत

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। राज्य में जहां सामान्य दिनों में औसतन 6330 किलोलीटर पेट्रोल और 9048 किलोलीटर डीजल की खपत होती थी, वहीं शनिवार और रविवार को यह आंकड़ा उछलकर 8489 किलोलीटर पेट्रोल और 10556 किलोलीटर डीजल तक पहुंच गया। मांग में आई इस अप्रत्याशित तेजी ने तेल कंपनियों की सप्लाई चेन पर भारी दबाव डाल दिया है। राज्य के कुल 4510 पेट्रोल पंपों में से 421 पंपों पर 'No Stock' के बोर्ड लटक गए हैं।

CM नायडू का कड़ा एक्शन: कलेक्टरों को दिए सख्त निर्देश

ईंधन संकट की खबरों के बीच मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तत्काल टेलीकॉन्फ्रेंस की। मुख्यमंत्री ने साफ लहजे में कहा कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और यह स्थिति केवल झूठी अफवाहों के कारण बनी है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को आदेश दिया है कि वे फील्ड पर उतरें और लोगों को जागरूक करें। सीएम ने प्रशासन को आज शाम तक पूरी रिपोर्ट पेश करने और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्य योजना (Action Plan) तैयार करने को कहा है।

ड्रम और केन में तेल भरने पर लग सकती है रोक!

सड़कों पर लगी किलोमीटर लंबी कतारों को देखते हुए प्रशासन अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। लोग डर के मारे हफ्तों का स्टॉक जमा कर रहे हैं, जिससे जरूरतमंदों को परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि वे पेट्रोल पंपों पर भीड़ को नियंत्रित करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से ईंधन का भंडारण न करे। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे संयम बरतें और केवल जरूरत के मुताबिक ही तेल खरीदें।

क्या वाकई दाम बढ़ने वाले हैं?

बाजार में यह अफवाह भी गर्म है कि चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹25 से ₹28 तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, सरकार ने इन दावों को पूरी तरह आधारहीन बताया है। अधिकारियों का कहना है कि डिपो से आपूर्ति लगातार जारी है और पैनिक बाइंग रुकते ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। प्रशासन उन असामाजिक तत्वों की भी पहचान कर रहा है जो सोशल मीडिया के जरिए किल्लत की झूठी खबरें फैला रहे हैं।