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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पश्चिम एशिया का महायुद्ध अब उन देशों को भी अपनी चपेट में ले रहा है जो अब तक तटस्थ रहने की कोशिश कर रहे थे। ईरान की राजधानी तेहरान में इजरायली वायुसेना के भीषण हमलों ने पाकिस्तान के राजनयिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। खबर है कि इजरायली मिसाइलें तेहरान स्थित पाकिस्तानी दूतावास और राजदूत के आवास के बेहद करीब गिरी हैं। धमाके इतने जोरदार थे कि दूतावास की इमारतें हिल गईं और वहां मौजूद कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

पाकिस्तानी संप्रभुता पर चोट: राजदूत के घर के पास कोहराम

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने तेहरान के उन इलाकों को निशाना बनाया जहाँ कई देशों के दूतावास स्थित हैं। पाकिस्तानी दूतावास, जिसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत 'पाकिस्तानी धरती' माना जाता है, के ठीक बगल में हुए इन धमाकों से पूरा परिसर थर्रा उठा। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी पाकिस्तानी कर्मचारी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन राजदूत के आवास के पास हुए इन धमाकों ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

शांति की कोशिशों पर फिरा पानी! तुर्की-मिस्र के साथ था 'मिशन'

यह हमला उस समय हुआ है जब पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता (Mediation) की कोशिश कर रहे थे। पाकिस्तान ने हाल ही में प्रस्ताव दिया था कि वह दोनों महाशक्तियों के बीच शांति वार्ता की मेजबानी करने को तैयार है। लेकिन दूतावास के पास हुई इस बमबारी ने पाकिस्तान के इन कूटनीतिक प्रयासों को गहरा झटका दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला महज एक 'चूक' नहीं, बल्कि उन देशों के लिए एक गुप्त संदेश हो सकता है जो ईरान के करीब जाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस्लामाबाद में सन्नाटा, अंदरूनी जांच के आदेश

हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय (Foreign Office) ने अभी तक कोई आधिकारिक कड़ा रुख नहीं अपनाया है। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार इस बात की जांच कर रही है कि क्या इजरायल ने जानबूझकर पाकिस्तानी दूतावास को डराने के लिए उसके करीब बमबारी की। पाकिस्तान एक तरफ अमेरिका का करीबी मित्र है और दूसरी तरफ ईरान के साथ उसकी सीमाएं और सांस्कृतिक संबंध जुड़े हैं, ऐसे में वह 'दो पाटों के बीच' फंसा नजर आ रहा है।

तेहरान में आसमान से बरस रही 'आफत', कर्मचारी अलर्ट पर

ईरान और इजरायल के बीच जारी इस 'मिसाइल वॉर' ने तेहरान को मलबे के ढेर में बदल दिया है। ईरान भी जवाबी कार्रवाई में इजरायल पर सैकड़ों मिसाइलें दाग रहा है। इस भीषण युद्ध के बीच पाकिस्तानी दूतावास के कर्मचारियों को 'हाई अलर्ट' पर रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को कहा गया है। दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के संबंधों के लिहाज से यह घटना एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है, क्योंकि पाकिस्तान अब इस युद्ध में सीधे तौर पर प्रभावित होने लगा है।