Prabhat Vaibhav,Digital Desk : नैनीताल जिले के भवाली क्षेत्र में जनसांख्यिकीय बदलाव (डेमोग्राफिक चेंज) को लेकर एक बार फिर प्रशासन और पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है। श्यामखेत, रेहड़ और टमट्यूड़ा जैसे इलाकों में पिछले एक दशक के दौरान आबादी की संरचना में आए बदलाव पर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। हाल ही में सामने आए एक आपराधिक मामले के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया।
श्यामखेत और आसपास के क्षेत्रों में बदली तस्वीर
स्थानीय निवासियों के अनुसार, श्यामखेत क्षेत्र में बीते वर्षों में बड़ी संख्या में बाहरी लोगों का बसाव हुआ है। नगर पालिका रिकॉर्ड में जहां आबादी सीमित बताई जाती है, वहीं स्थानीय लोग फ्लैटों और अस्थायी निर्माणों की संख्या कहीं अधिक होने का दावा कर रहे हैं। इसी वजह से इलाके में जनसंख्या संतुलन को लेकर बहस तेज हुई है।
पहले भी चला था सत्यापन अभियान
साल 2021 में भवाली और आसपास के क्षेत्रों में अचानक बढ़ी आबादी के बाद प्रशासन ने सत्यापन अभियान चलाया था। उस दौरान बिना दस्तावेज रह रहे लोगों पर कार्रवाई की गई थी और कई लोग अपने मूल स्थानों की ओर लौटे थे। अब एक बार फिर पुलिस ने मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सत्यापन अभियान शुरू करने की तैयारी की है।
पर्यटन और कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा कारण
खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, पर्यटन और निर्माण से जुड़े कार्यों में बाहरी जिलों से आने वाले लोगों की भागीदारी बढ़ी है। टूरिस्ट गाइडिंग, टैक्सी संचालन, होटल-रेस्टोरेंट लीज पर लेने जैसे कामों में बाहरी श्रमिकों और कारोबारियों की मौजूदगी को भी जनसांख्यिकीय बदलाव की एक वजह माना जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की तैयारी
एसपी नैनीताल के अनुसार, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सत्यापन के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। बिना वैध दस्तावेज पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
यह मामला अब केवल भवाली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नैनीताल जिले में जनसंख्या संतुलन, अवैध निर्माण और सत्यापन जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा का कारण बन गया है।




