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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची रार अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां से वापसी की राह मुश्किल नजर आ रही है। राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने सीधे अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चड्ढा ने एक बेहद आक्रामक वीडियो संदेश जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि उन्होंने अभी सिर्फ ट्रेलर दिखाया है, असली धमाका तो पूरी फिल्म के साथ होना बाकी है।

'मैं घायल हूं, इसलिए और भी घातक हूं'— चड्ढा की सीधी चेतावनी

राज्यसभा में अपनी भूमिका कम किए जाने के बाद राघव चड्ढा के तेवर पूरी तरह बदले हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी वीडियो में उन्होंने पार्टी के उन सहयोगियों को करारा जवाब दिया है जो उन पर पंजाब के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे थे। चड्ढा ने भावुक और कड़े लहजे में कहा, "पंजाब मेरे लिए सिर्फ राजनीति का विषय नहीं है, वह मेरी मिट्टी और मेरी आत्मा है। जो लोग मेरी वफादारी पर सवाल उठा रहे हैं, वे जान लें कि मैं घायल जरूर हूं, लेकिन अब और भी घातक हो चुका हूं।"

संजय सिंह और आतिशी पर पलटवार: 'बोली वही जो सिखाई गई'

चड्ढा ने अपने वीडियो में बिना नाम लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं—संजय सिंह, आतिशी और सौरभ भारद्वाज द्वारा लगाए गए आरोपों को 'सुनियोजित' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता वही भाषा बोल रहे हैं जो उन्हें ऊपर से सिखाई गई है। चड्ढा ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी के 10 सांसदों में से 6-7 ने हस्ताक्षर नहीं किए थे, तो फिर सिर्फ उन्हें ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है?

संसद की मर्यादा और जनहित के मुद्दों पर दी सफाई

विपक्ष के वॉकआउट में शामिल न होने के आरोपों पर राघव चड्ढा ने बड़ी चुनौती दी है। उन्होंने कहा, "सदन की हर गतिविधि सीसीटीवी में रिकॉर्ड होती है। अगर फुटेज सामने आ गई तो उन लोगों के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे जो झूठ फैला रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि वह संसद में चिल्लाने, गाली देने या माइक तोड़ने नहीं, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने जाते हैं। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, जीएसटी, दिल्ली की हवा और पंजाब के पानी जैसे गंभीर विषयों पर अपने पिछले रिकॉर्ड को देखने की सलाह दी।

आम आदमी पार्टी के भीतर गहराता संकट

इस वीडियो के आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या राघव चड्ढा अब 'आप' से अलग राह चुनने वाले हैं। जिस तरह से उन्होंने "पूरी फिल्म अभी बाकी है" वाली बात कही है, उससे साफ संकेत मिलता है कि उनके पास कुछ ऐसे खुलासे या रणनीतियां हैं जो आने वाले समय में पार्टी की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। फिलहाल, पार्टी और राघव के बीच के इस विवाद ने सोशल मीडिया पर 'आरोप-प्रत्यारोप' की नई जंग छेड़ दी है।