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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मार्च का महीना जाते-जाते अपना असली रंग दिखाने वाला है। देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने जा रहा है। एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से पहाड़ों से लेकर मैदानों तक कुदरत का कहर टूटने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी 27 मार्च के लिए देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की गंभीर चेतावनी जारी की है। अगर आप कल घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं क्योंकि हवा की रफ्तार 60-70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दिल्ली-NCR में बदलेगा मिजाज, धूल भरी आंधी का साया

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में कल यानी शुक्रवार को सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी जारी रहेगी। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और दोपहर तक हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। असली खतरा 29 मार्च को बताया जा रहा है, जब 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती हैं।

यूपी-पंजाब और हरियाणा में 'बिजली' का अलर्ट

उत्तर भारत के मैदानी राज्यों—पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। 27 से 30 मार्च के बीच उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब रहेगा। किसानों के लिए यह खबर चिंताजनक है क्योंकि ओलावृष्टि फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। राजस्थान में भी इसी दौरान मौसम के कड़े तेवर देखने को मिलेंगे।

पहाड़ों पर बर्फबारी और पूर्वोत्तर में 'मानसून' जैसा मंजर

हिमालयी क्षेत्रों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छिटपुट हिमपात और बारिश का दौर शुरू हो गया है। 28 से 31 मार्च के बीच इसकी तीव्रता और बढ़ेगी। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में तो 'प्री-मानसून' जैसी स्थिति बन रही है। यहां 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तूफान और भारी ओलावृष्टि का पूर्वानुमान है, जिससे भारी तबाही की आशंका जताई गई है।

बिहार-झारखंड में ओले, दक्षिण भारत में लू के थपेड़े

बिहार और झारखंड के लोगों को भी राहत नहीं मिलने वाली है। 27 और 28 मार्च को यहां ओले गिरने की प्रबल संभावना है। इसके उलट, दक्षिण भारत के केरल, कोंकण और गोवा में भीषण गर्मी और उमस लोगों को बेहाल करेगी। हालांकि, तेलंगाना और कर्नाटक में बारिश और आंधी-तूफान के कारण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन ओलावृष्टि का खतरा वहां भी बरकरार है।