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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत से पहले, उत्तराखंड के रक्षक मानी जाने वाली मां धारी देवी का मंदिर एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आने लगा है। अलकनंदा नदी के बीचों-बीच स्थित इस सिद्धपीठ को आधुनिक वॉल वॉशर लाइटिंग (Wall Washer Lighting) से सजाया गया है। अब रात के समय मंदिर परिसर रंग-बिरंगी रोशनियों से जगमगा उठा है, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ-साथ आकर्षण का केंद्र भी बन गया है।

आधुनिक तकनीक से निखरी मंदिर की भव्यता

जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की इस अनूठी पहल से धारी देवी मंदिर की रात की खूबसूरती कई गुना बढ़ गई है। इस लाइटिंग सिस्टम की कुछ खास विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

कंप्यूटर नियंत्रित प्रणाली: जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशल सिंह नेगी के अनुसार, यह लाइटिंग पूरी तरह से प्रोग्रामिंग और कंप्यूटर कंट्रोल सिस्टम पर आधारित है।

बदलते रंग और पैटर्न: लाइटिंग के रंग और पैटर्न समय-समय पर बदलते रहते हैं, जिससे मंदिर की दीवारों और गुंबद पर एक दिव्य आभा दिखाई देती है।

आध्यात्मिक अनुभव: मंदिर के पुजारी लक्ष्मी प्रसाद पांडेय का कहना है कि इस नई व्यवस्था से भक्तों को एक नया और सुखद आध्यात्मिक अनुभव मिल रहा है।

चारधाम यात्रा और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने इस परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन का लक्ष्य चारधाम यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख मंदिरों को और अधिक सुविधायुक्त और आकर्षक बनाना है।

श्रद्धालुओं का आकर्षण: बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले लगभग सभी यात्री श्रीनगर के पास धारी देवी के दर्शन जरूर करते हैं। अब रात के समय रुकने वाले यात्रियों के लिए यह नजारा यादगार होगा।

धार्मिक पर्यटन: नई लाइटिंग व्यवस्था से स्थानीय पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी और रात के समय भी मंदिर के आसपास चहल-पहल बनी रहेगी।

सफल परीक्षण: लाइटिंग का कार्य 2 मार्च को ही पूरा कर लिया गया था और अब इसे पूरी तरह से संचालित कर दिया गया है।

क्यों खास है धारी देवी मंदिर?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां धारी देवी को उत्तराखंड और चारधाम की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। अलकनंदा नदी के ऊपर बने इस नवनिर्मित मंदिर में मां की मूर्ति दिन में तीन बार अपना स्वरूप बदलती है (प्रात:काल कन्या, दोपहर में युवती और शाम को वृद्धा)। 2013 की आपदा के बाद मंदिर को ऊंचे पिलरों पर आधुनिक तरीके से पुनर्स्थापित किया गया है।