Prabhat Vaibhav,Digital Desk : नए साल 2026 के साथ उत्तराखंड सरकार ने कंक्रीट माफिया, अवैध बिल्डरों और भूमाफियाओं के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने का संकेत दे दिया है। राजधानी देहरादून, जो वर्षों से अवैध कालोनियों, नदी किनारे निर्माण और सरकारी भूमि पर कब्जों की वजह से प्रभावित रही है, अब सख्त नियमों के केंद्र में है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) नई नियमावली तैयार कर रहा है, जिसका उद्देश्य बिल्डरों की मनमानी रोकना और निवेशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नई नियमावली के प्रमुख बिंदु
बिल्डर का अनिवार्य पंजीकरण: प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले विकास प्राधिकरण व RERA में पंजीकरण जरूरी। बिना पंजीकरण विज्ञापन या नक्शा स्वीकृति संभव नहीं।
एस्क्रो अकाउंट व्यवस्था: निवेशकों से मिली राशि सीधे बिल्डर को नहीं जाएगी। निर्माण की प्रगति के अनुसार पैसा किश्तों में जारी होगा।
प्रोजेक्ट पूरा किए बिना शहर छोड़ने पर रोक: बिल्डर प्रोजेक्ट पूरा किए बिना शहर नहीं छोड़ पाएंगे; उल्लंघन पर एफआईआर और आर्थिक दंड का प्रावधान।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग: प्रोजेक्ट की स्थिति, धनराशि और बिल्डर का प्रोफाइल पोर्टल पर सार्वजनिक होगा; नक्शे से हटकर निर्माण पर तुरंत कार्रवाई।
उपभोक्ता सुरक्षा: फ्लैट तय समय पर हैंडओवर न होने पर जुर्माना; सुविधाएं न देने पर रिफंड व ब्याज।
एस्क्रो अकाउंट क्या है?
एस्क्रो अकाउंट एक सुरक्षित बैंक अकाउंट है, जहां निवेशक का पैसा तब तक सुरक्षित रहता है जब तक बिल्डर सभी निर्माण शर्तें पूरी नहीं करता। अगर बिल्डर काम पूरा नहीं करता, तो पैसा निवेशक को वापस मिलता है।
अवैध निर्माण पर सख्त रुख
एमडीडीए ने सहस्रधारा, रायपुर, डोईवाला, राजपुर रोड, रिस्पना और बिंदाल नदी किनारे कई अवैध निर्माणों को चिह्नित किया है। बड़े बिल्डरों पर सीलिंग, ध्वस्तीकरण और आपराधिक मुकदमें दर्ज किए जाएंगे।
निवेशकों के लिए राहत
नई नियमावली से निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहेगा, प्रोजेक्ट समय पर पूरा होगा और तय समय-सीमा में फ्लैट मिलने की गारंटी रहेगी। इससे शहर में बेतरतीब निर्माण और अवैध फ्लोरिंग की समस्या पर भी लगाम लगेगा।
शहर में सुधार और पारदर्शिता
स्टिल्ट पार्किंग और सार्वजनिक जगह पर कब्जा रोका जाएगा।
नक्शे से हटकर निर्माण पर तुरंत कार्रवाई।
प्रोजेक्ट की अनुमति और प्रगति की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध।
शिकायत निस्तारण सेल से निवेशक सीधे शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि नियमावली लागू होने के बाद न केवल निवेशकों की परेशानी कम होगी, बल्कि देहरादून की भविष्य की विकास योजना भी संतुलित और सुरक्षित बनेगी।




