Prabhat Vaibhav,Digital Desk : चारधाम यात्रा की शुरुआत का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। भगवान बदरी विशाल के कपाट खुलने की शुभ तिथि को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। परंपरा के अनुसार 23 जनवरी को बसंत पंचमी के पावन पर्व पर नरेंद्र नगर (टिहरी) राजदरबार में विधिवत घोषणा की जाएगी।
नरेंद्र नगर राजदरबार में तय होगा शुभ मुहूर्त
हर साल की तरह इस बार भी टिहरी राजपरिवार की परंपरा के अनुसार राजपुरोहित पंचांग गणना के आधार पर बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और समय तय करेंगे। बसंत पंचमी के दिन होने वाली इस घोषणा पर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की नजरें टिकी हैं।
पांडुकेश्वर से शुरू हुई कपाट खुलने की धार्मिक प्रक्रिया
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की औपचारिक धार्मिक प्रक्रिया पांडुकेश्वर गांव से प्रारंभ हो चुकी है। बुधवार को डिमरी पंचायत की ओर से पारंपरिक गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा की शुरुआत की गई। नृसिंह मंदिर और पांडुकेश्वर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद यह यात्रा डिम्मर गांव के लिए रवाना हुई।
स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक मांगलिक गीत गाते हुए पुष्पवर्षा के साथ गाडू घड़ा यात्रा को विदा किया। यह तेल कलश 22 जनवरी को नरेंद्र नगर पहुंचेगा, जहां कपाट खुलने के मुहूर्त निर्धारण के समय इसकी उपस्थिति अनिवार्य मानी जाती है।
कम्दी थोक में लगा पहला भोग, निभाई गई सदियों पुरानी परंपरा
कम्दी थोक पांडुकेश्वर के अध्यक्ष जगदीश पंवार ने बताया कि बदरीनाथ धाम से जुड़ी परंपराओं का निर्वहन पूरी आस्था और विधि-विधान से किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि गाडू घड़ा का पहला भोग पांडुकेश्वर में पंवार खानदान के बारीदार श्री नरेश पंवार के निवास पर अर्पित किया गया।
इसके बाद योगध्यान बदरी में गाडू घड़ा उत्सव डोली के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
शीतकालीन पूजा का केंद्र है पांडुकेश्वर
अध्यक्ष जगदीश पंवार ने बताया कि भगवान बदरी विशाल की शीतकालीन पूजा स्थली पांडुकेश्वर ही है। यहीं भगवान कुबेर और उद्धव जी की मूर्तियों की नियमित पूजा होती है। वहीं ज्योतिर्मठ में केवल रावल जी की पालकी जाती है।
सतीश डिमरी ने बताया कि कंदी थोक द्वारा गाडू घड़े की पूजा पूरी विधि-विधान से संपन्न की गई। भगवान को विशेष भोग अर्पित किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
श्रद्धालुओं की बड़ी मौजूदगी
इस धार्मिक आयोजन में हेमचंद्र डिमरी, सतीश चंद्र डिमरी, सुधीर डिमरी, संदीप डिमरी, अध्यक्ष कम्दी थोक जगदीश पंवार समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे।



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