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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान में फंसे उत्तराखंड के नागरिकों को लेकर प्रदेश सरकार बेहद गंभीर है। उत्तराखंड गृह विभाग ने ईरान में फंसे 35 व्यक्तियों की सूची तैयार कर केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) को भेज दी है। इसमें सबसे अधिक 32 लोग हरिद्वार जिले के हैं, जबकि 2 चमोली और 1 व्यक्ति पौड़ी गढ़वाल से है।

विधायक काजी निजामुद्दीन ने उठाई आवाज, 19 नाम सौंपे

हरिद्वार के मंगलौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक काजी निजामुद्दीन ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य सचिव को पत्र लिखा था। उन्होंने मंगलौर और आसपास के क्षेत्रों के 19 व्यक्तियों की सूची सौंपी थी, जो वर्तमान में ईरान में फंसे हुए हैं और जिनके परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। इसके बाद प्रशासन को 13 अन्य नाम भी प्राप्त हुए, जिससे अकेले हरिद्वार जिले का आंकड़ा 32 तक पहुंच गया है।

ईरान में फंसे लोगों का विवरण (अब तक प्राप्त जानकारी)

जिलाफंसे हुए व्यक्तियों की संख्या
हरिद्वार32 (मुख्यतः मंगलौर और आसपास के क्षेत्र)
चमोली02
पौड़ी गढ़वाल01
कुल योग35

हवाई सेवाएं बहाल होते ही शुरू होगा 'रेस्क्यू'

अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती ने जानकारी दी है कि शासन लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। ईरान में जारी संघर्ष और हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने के कारण फिलहाल निकासी में बाधा आ रही है। जैसे ही मध्य एशिया में अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं का संचालन फिर से सुचारू होगा, केंद्र सरकार के सहयोग से इन सभी उत्तराखंडवासियों को सुरक्षित वापस लाने का अभियान शुरू कर दिया जाएगा।

सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट: जारी किए गए निर्देश

गृह विभाग ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DMs) को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि यदि उनके जनपद से किसी अन्य व्यक्ति के ईरान में फंसे होने की सूचना मिलती है, तो उसे तुरंत शासन को प्रेषित करें। सरकार का लक्ष्य है कि युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे एक-एक उत्तराखंडी की पहचान कर उन्हें सुरक्षित घर लाया जाए।

परिवारों के लिए संदेश: ईरान में फंसे लोगों के परिजनों को धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है। भारतीय दूतावास वहां सक्रिय है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।