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Prabhat Vaibhav, Digital Desk :  विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच होने वाली भारी भीड़ और वाहनों की किल्लत को देखते हुए परिवहन विभाग ने इस मार्ग पर शटल सेवा को दोगुना करने का फैसला किया है। अब यात्रियों को घंटों लाइन में लगकर इंतजार नहीं करना होगा और न ही मनमाने किराए की मार झेलनी पड़ेगी।

शटल वाहनों की संख्या 90 से बढ़कर हुई 200

सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच का खंड केदारनाथ यात्रा का सबसे व्यस्त हिस्सा माना जाता है। पहले यहां केवल 90 शटल वाहन चलते थे, जिससे पीक सीजन में यात्रियों को काफी परेशानी होती थी। अब परिवहन विभाग ने 110 अतिरिक्त वाहन बढ़ा दिए हैं, जिससे कुल शटल वाहनों की संख्या 200 हो गई है। एआरटीओ कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि यात्रियों का प्रवाह बना रहे।

महिलाओं के लिए 'पिंक टैक्सी' और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा

इस बार की यात्रा में सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया है:

पिंक टैक्सी सेवा: महिला यात्रियों की सुरक्षा और सहजता के लिए विशेष रूप से 'पिंक टैक्सी' शुरू की जा रही है। यह महिला श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित और समर्पित परिवहन विकल्प प्रदान करेगी।

किराया और भुगतान: सोनप्रयाग से गौरीकुंड का किराया 50 रुपये प्रति यात्री तय किया गया है। अवैध वसूली रोकने के लिए अब नकद के साथ-साथ QR कोड के जरिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी दी गई है।

रास्ते में गाड़ी खराब हुई तो मिलेगी 'मोबाइल मदद'

चारधाम यात्रा के दुर्गम रास्तों पर अगर कोई वाहन खराब होता है, तो अब यात्रियों को बीच रास्ते फंसना नहीं पड़ेगा। परिवहन विभाग ने 8 मोबाइल तकनीकी वैन (Mobile Technical Vans) तैनात की हैं।

ये वैन 50 से 70 किलोमीटर के दायरे में सक्रिय रहेंगी।

तकनीकी खराबी आने पर ये वैन तत्काल मौके पर पहुंचकर वाहन की मरम्मत में सहायता करेंगी।

निरीक्षण के बाद लिया गया फैसला

आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी के अनुसार, विभाग की टीम ने हाल ही में यात्रा मार्ग का भौतिक निरीक्षण किया था। इस दौरान पाया गया कि सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर दबाव सबसे अधिक है। वाहनों के सुचारू संचालन और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है, जो पूरे रूट की निगरानी करेंगे।