Prabhat Vaibhav, Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कड़े तेवरों से एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापार राजनीति में भूकंप ला दिया है। ट्रंप ने अपने पड़ोसी और करीबी सहयोगी देश कनाडा को सीधी और कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कनाडा ने चीन के साथ अपने व्यापारिक समझौतों को खत्म नहीं किया, तो अमेरिका कनाडा से आने वाले हर सामान पर 100% टैरिफ (आयात शुल्क) लगा देगा।
यह धमकी न केवल कनाडा की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा है, बल्कि यह उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते (USMCA) के भविष्य पर भी सवालिया निशान खड़ा करती है।
ट्रंप के गुस्से की मुख्य वजह: चीन और 'असंतुलित' व्यापार
डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन का मानना है कि कनाडा अपनी व्यापार नीतियों के जरिए अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचा रहा है।
चीन के साथ साठगांठ: ट्रंप प्रशासन को आपत्ति है कि कनाडा चीन के साथ ऐसे व्यापारिक संबंध बढ़ा रहा है जिससे चीनी सामान को अमेरिकी बाजार में पिछवाड़े (Backdoor) से प्रवेश मिल सकता है।
अर्थव्यवस्था का 'फायदा': अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने हाल ही में कहा कि कनाडा अमेरिका की 30 ट्रिलियन डॉलर की विशाल अर्थव्यवस्था का अनुचित लाभ उठा रहा है। उन्होंने मौजूदा व्यापार समझौतों को अमेरिका के लिए "बुरा सौदा" और "खराब औद्योगिक नीति" करार दिया है।
कनाडा की रणनीति पर तीखा प्रहार
वाणिज्य सचिव लुटनिक ने कनाडा के उन पूर्व अधिकारियों की भी आलोचना की जो बातचीत की प्रक्रिया को धीमा करके ट्रंप प्रशासन पर दबाव बनाने की सोच रहे थे। लुटनिक ने इसे "अब तक की सबसे खराब रणनीति" बताया और कहा कि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी विनिर्माण और नौकरियों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
क्या होगा अगर 100% टैरिफ लगा?
यदि ट्रंप अपनी इस धमकी को अमल में लाते हैं, तो इसका असर विनाशकारी हो सकता है:
महंगाई: कनाडा से अमेरिका जाने वाले तेल, ऑटो पार्ट्स और कृषि उत्पादों की कीमतें दोगुनी हो जाएंगी।
आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बाधित: अमेरिका और कनाडा की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। टैरिफ से हजारों अमेरिकी नौकरियां भी खतरे में पड़ सकती हैं।
व्यापार युद्ध: यह कदम एक पूर्ण 'ट्रेड वॉर' में बदल सकता है, जिससे मेक्सिको और अन्य सहयोगी देश भी प्रभावित होंगे।
भारत के लिए क्या है इसके मायने?
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ जहां अमेरिका और कनाडा के बीच तनाव बढ़ रहा है, वहीं भारत और अमेरिका के बीच 20 अप्रैल से वाशिंगटन में महत्वपूर्ण व्यापार वार्ता शुरू हो रही है।
दर्पण जैन के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल शुल्क, ऊर्जा और कृषि जैसे मुद्दों पर चर्चा करेगा।
कनाडा-अमेरिका विवाद के बीच, भारत के पास अमेरिका के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को संतुलित करने और एक मजबूत वैकल्पिक भागीदार के रूप में उभरने का अवसर हो सकता है।




