2022 में अब ”जय अखिलेश” नहीं लगेगा यह नारा

किसी जमाने में नारो का ही जलवा था। जिसका जलवा कायम है उसका नाम मुलायम है नारे से सपा के कार्यकर्ताओं में जोश भर जाता है।

LUCKNOW : सत्ता में वापसी के लिए जूझती समाजवादी पार्टी हर उस काम को कर रही है जो उसे सत्ता की दहलीज तक पहुंचा दे। इसके लिए सपा ने जमीनी आंदोलन को तेज किया है वहीं वह चाहती है कि नये नारे गढ़े जाये। इस चीज के लिए उसने काम करना भी शुरू कर दिया है। आजमगढ़ प्रवास के दौरान सपा सुप्रीमो (AKHILESH YADAV) के सामने जब यह नारा लगा तो वह काफी खुश हुए और नारा लागने वाले को उन्होंने शबाशी भी दी।

जैसे ही अखिलेश (AKHILESH YADAV) मंच पर चढ़े तभी भीड़ से आवाज आई कि ”झूठ बोल कर जीना है, 56 इंच का सीना है” यह नारा सपा सुप्रीमो को भा गया और अपने भाषण के दौरान उन्होंने इसकी तारीफ की। सपा चाहती है कि वह नारो के माध्यम से सीधे बीजेपी को हिट करे और जनता के दिलों में उतर जाए।

किसी जमाने में नारो का ही जलवा था। जिसका जलवा कायम है उसका नाम मुलायम है नारे से सपा के कार्यकर्ताओं में जोश भर जाता है। इसी लिए सपा अब नारो पर भी ध्यान दे रही है। पार्टी के रणनीतिकार चाहते हैं कि जय अखिलेश (AKHILESH YADAV) के साथ—साथ वह नारे भी लगे जो कार्यकर्ताओं में जोश भर दे और जनता से सीधा संवाद हो।

 

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