बिहार शिक्षक भर्ती पर घमासान! TRE-4 का विज्ञापन इसी महीने जारी करने की मांग, छात्र नेताओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
बिहार में शिक्षक नियुक्ति के चौथे चरण यानी BPSC TRE-4 के विज्ञापन को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा अब फूटने लगा है। प्रमुख छात्र नेताओं और अभ्यर्थियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इसी महीने के भीतर TRE-4 का आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं किया गया, तो राज्य स्तर पर एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अभ्यर्थियों का क्यों बढ़ रहा है गुस्सा?
शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से पिछले कई महीनों से लगातार तारीखें और आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठकों में अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को रिक्तियों की अधियाचना (Requisition) भेजने के निर्देश दिए गए थे, इसके बावजूद आधिकारिक नोटिफिकेशन सामने न आने से युवाओं में निराशा और आक्रोश का माहौल है।
पदों की संख्या और पारदर्शिता पर जोर
छात्र प्रतिनिधियों का साफ कहना है कि सरकार को अपने पुराने वादों के मुताबिक सभी स्वीकृत पदों पर पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। अभ्यर्थियों की मांग है कि विज्ञापन में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी न की जाए, ताकि समय पर परीक्षा आयोजित हो सके और बेरोजगार युवाओं का भविष्य अधर में न लटके। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ फर्जी नोटिस भी वायरल हुए थे, जिससे अभ्यर्थियों में और अधिक भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके बाद आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी थी।
शिक्षा विभाग और सरकार पर टिकी निगाहें
छात्र नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि जुलाई के अंत तक विज्ञापन जारी नहीं किया गया तो अभ्यर्थी सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे। अब देखने यह होगा कि बढ़ती सुगबुगाहट और आंदोलन की चेतावनी के बीच शिक्षा विभाग और बीपीएससी इस मामले में कितनी जल्दी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर स्थिति साफ करते हैं