अरुणाचल में बादल फटने से तबाही, दिबांग वैली में बहे अग्निवीर आदित्य का 5 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग
देश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में कुदरत का कहर लगातार जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. एक तरफ अरुणाचल प्रदेश की ऊंची वादियों में बादल फटने से भयानक तबाही मची है, तो दूसरी तरफ बिहार के वैशाली जिले में इस आपदा ने एक घर के चिराग को संकट में डाल दिया है. अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम Dibang Valley जिले में बीते दिनों आए भयंकर बादल फटने और उसके बाद अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) व भूस्खलन की चपेट में आकर सेना के कई जवान लापता हो गए. इस आपदा में बिहार के हाजीपुर (वैशाली) के रहने वाले युवा अग्निवीर आदित्य कुमार भी शामिल हैं, जिनका पांच दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके और पीड़ित परिवार में मातम और गहरी चिंता का माहौल बना हुआ है.
अरुणाचल के पासुपानी आर्मी कैंप पर टूटा कुदरत का कहर
घटना के संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले में स्थित पासुपानी आर्मी कैंप के पास यह प्राकृतिक आपदा आई थी. बताया जा रहा है कि अचानक बादल फटने के बाद मुख्य धारा में भारी उफान आ गया और पानी तथा मलबे का सैलाब शिविर को बहा ले गया. इस अचानक आए आफत के पानी में सेना के 7 जवान बह गए थे. प्रशासनिक टीमों और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तुरंत कार्रवाई करते हुए 2 जवानों को तो सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन अग्निवीर आदित्य समेत 5 अन्य जवानों का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है. सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आईटीबीपी के जवानों द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अत्यधिक दुर्गम इलाका और खराब मौसम राहत कार्यों में बड़ी बाधा बन रहे हैं.
वैशाली के लाल अग्निवीर आदित्य के घर में पसरा सन्नाटा
इस दुर्घटना की खबर जैसे ही बिहार के वैशाली जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत दौलतपुर देवरिया पंचायत के सैदपुर रजौली गांव पहुंची, परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. लापता जवान आदित्य कुमार के पिता आशुतोष कुमार और उनके दादाजी ने बताया कि आदित्य अप्रैल 2025 में ही अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा कर रहे थे. परिवार के दो भाइयों में आदित्य सबसे बड़े हैं और उनका छोटा भाई भी अग्निवीर के रूप में सिक्किम में तैनात है, जो भाई के लापता होने की सूचना पाकर तुरंत छुट्टी लेकर घर पहुंचा है. हर बीतते घंटे के साथ परिवार की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं और वे सरकार तथा रक्षा मंत्रालय से खोजबीन और तेज करने की गुहार लगा रहे हैं.
मौसम की मार और युद्ध स्तर पर जारी तलाश
प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों का कहना है कि दिबांग वैली के ऊंचे पहाड़ों पर लगातार बारिश और कोहरे के बावजूद खोजी अभियान में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है. अत्याधुनिक उपकरणों और स्थानीय वालंटियर्स की मदद से नदी के बहाव वाले निचले इलाकों में भी कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है. देश के तमाम हिस्सों से लोग अग्निवीर आदित्य और अन्य लापता जवानों के सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं.