2813 रन और 244 विकेट... कौन हैं ऑफ स्पिनर सारांश जैन? जिनका कोलंबो टेस्ट में डेब्यू तय माना जा रहा है
भारतीय घरेलू क्रिकेट में सालों तक अपनी फिरकी का जादू बिखेरने वाले और निचले क्रम पर आकर बहुमूल्य रन बनाने वाले अनुभवी ऑफ स्पिनर और ऑलराउंडर सारांश जैन इन दिनों देश भर के क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बने हुए हैं। श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही मौजूदा टेस्ट सीरीज के दौरान उनके भारतीय टीम के लिए इंटरनेशनल डेब्यू करने की अटकलें काफी तेज हो गई हैं। घरेलू सर्किट में लंबे संघर्ष, लगातार बेहतरीन प्रदर्शन और अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर भारतीय स्क्वाड में जगह बनाने वाले सारांश जैन की कहानी हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा से कम नहीं है। गाले टेस्ट में भारतीय गेंदबाजी संयोजन में बदलाव की सुगबुगाहट के बाद अब कोलंबो में होने वाले निर्णायक मुकाबले में उन्हें हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कौन हैं सारांश जैन, उनका अब तक का घरेलू सफर कैसा रहा है और क्यों उन्हें टेस्ट क्रिकेट में भारत का नया हथियार माना जा रहा है।
कौन हैं सारांश जैन और कहां से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर
मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक और खेल प्रेमियों के शहर इंदौर से ताल्लुक रखने वाले 33 वर्षीय सारांश जैन आधुनिक क्रिकेट के एक बेहतरीन ऑफ स्पिन ऑलराउंडर हैं। उन्होंने बहुत कम उम्र से ही क्रिकेट के मैदान पर पसीना बहाना शुरू कर दिया था और मध्य प्रदेश की घरेलू टीम के लिए लगातार रन और विकेट दोनों का योगदान दिया है। घरेलू क्रिकेट में सीनियर खिलाड़ियों की छांव में रहकर उन्होंने अपनी गेंदबाजी में ऐसी धार और विविधता पैदा की है कि दुनिया भर के बल्लेबाज उनकी गेंदों को पढ़ने में चकमा खा जाते हैं। रणजी ट्रॉफी, ईरानी कप और अन्य घरेलू टूर्नामेंट्स में लगातार कई सत्रों तक शानदार प्रदर्शन करने के बाद चयनकर्ताओं की नजर उन पर पड़ी, जिसके बाद उन्हें इंडिया 'ए' टीम में मौका मिला और अब वे सीनियर भारतीय टेस्ट टीम की जर्सी पहनने के बिल्कुल करीब पहुंच चुके हैं।
घरेलू क्रिकेट के दमदार आंकड़े और शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन
यदि सारांश जैन के क्रिकेट करियर के आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो प्रथम श्रेणी और अन्य घरेलू फॉर्मेट में उनके आंकड़े किसी बड़े मैच विनर खिलाड़ी की गवाही देते हैं। उन्होंने अपने घरेलू करियर में अब तक कुल 2,813 से अधिक बहुमूल्य रन बनाए हैं, जो यह साबित करता है कि वे सिर्फ एक गेंदबाज नहीं बल्कि संकट के समय टीम को संभालने वाले एक भरोसेमंद बल्लेबाज भी हैं। इसके साथ ही, अपनी फिरकी और फ्लाइट के जाल में विपक्षी बल्लेबाजों को उलझाते हुए उन्होंने घरेलू सर्किट में कुल 244 विकेट अपने नाम किए हैं। घरेलू पिचों पर उनकी यह निरंतरता और विकेट लेने की अद्भुत क्षमता ही थी जिसके चलते सिलेक्टर्स ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए मुख्य भारतीय टेस्ट स्क्वाड का हिस्सा बनाया।
कोलंबो टेस्ट में डेब्यू की चर्चा क्यों तेज हुई
भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम के गेंदबाजी आक्रमण को लेकर काफी समीक्षा की गई थी। गाल टेस्ट के दौरान स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल पाई थी और वे 25 ओवरों की गेंदबाजी में केवल 1 ही विकेट झटक सके थे। विदेशी पिचों पर और एशियाई परिस्थितियों में जब मैच का पासा पलटने की जरूरत होती है, तो टीम मैनेजमेंट एक ऐसे गेंदबाज की तलाश करता है जो रन गति पर लगाम लगाने के साथ-साथ लगातार विकेट निकाल सके। इन तमाम समीकरणों को देखते हुए क्रिकेट विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स का मानना है कि सीरीज के दूसरे और अंतिम यानी कोलंबो टेस्ट की प्लेइंग इलेवन में बड़ा बदलाव हो सकता है, और कुलदीप यादव की जगह ऑफ स्पिनर सारांश जैन को अपना टेस्ट डेब्यू करने का ऐतिहासिक मौका मिल सकता है।
भारतीय टीम के लिए क्यों अहम साबित हो सकते हैं सारांश जैन
श्रीलंका की पिचों का मिजाज हमेशा से स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल रहा है, जहां मैच के दूसरे और तीसरे दिन के बाद गेंद टर्न और उछाल दोनों लेने लगती है। ऐसे में एक पारंपरिक और अनुशासित ऑफ स्पिनर टीम के लिए ब्रह्मास्त्र साबित हो सकता है जो दाएं हाथ और बाएं हाथ दोनों तरह के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सके। इसके अलावा, निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने की उनकी काबिलियत टीम इंडिया को बल्लेबाजी में गहराई प्रदान करती है, जो विदेशी दौरों पर बहुत काम आती है। यदि सारांश जैन को कोलंबो टेस्ट में डेब्यू करने का मौका मिलता है, तो वे अपने अब तक के लंबे घरेलू अनुभव का पूरा फायदा उठाकर देश के लिए यादगार प्रदर्शन करना चाहेंगे। क्रिकेट से जुड़ी ऐसी ही तमाम ताजा और प्रामाणिक जानकारियों के लिए आप India Today Sports के आधिकारिक पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं और खेल जगत के हर अपडेट से जुड़े रह सकते हैं।