पटना स्नातक से नीरज कुमार 18 वोट से आगे, शिक्षक सीट पर नवल किशोर को 150 की बढ़त
बिहार विधान परिषद (MLC) चुनावों की मतगणना के दौरान राजधानी पटना से बेहद चौंकाने वाले और रोमांचक आंकड़े सामने आ रहे हैं। पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजों पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं। मतगणना केंद्र से मिल रही ताजा अपडेट के मुताबिक, पटना स्नातक सीट पर कड़े मुकाबले के बीच जेडीयू (JDU) प्रत्याशी नीरज कुमार अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से महज 18 वोटों की मामूली बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं दूसरी ओर, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थित उम्मीदवार नवल किशोर यादव ने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए 150 मतों की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। सीटों पर कांटे की टक्कर को देखते हुए दोनों पक्षों के समर्थकों की धड़कनें तेज हो गई हैं, जबकि प्रशासन ने मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
पटना स्नातक सीट पर रोमांचक जंग और प्रथम वरीयता के वोटों की गिनती
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना की शुरुआत से ही मुकाबला बेहद दिलचस्प और अनिश्चितता से भरा नजर आ रहा है। जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार तथा विपक्षी प्रत्याशी के बीच एक-एक वोट के लिए कड़ी जद्दोजहद देखने को मिल रही है। राउंड दर राउंड आंकड़ों में हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच नीरज कुमार फिलहाल केवल 18 वोटों से आगे चल रहे हैं। चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि स्नातक सीट पर मतदाताओं की भारी संख्या और प्रथम वरीयता (First Preference Votes) के वोटों में बंटवारे के कारण यह मुकाबला अंतिम दौर तक खिंच सकता है। यदि प्रथम वरीयता में किसी भी उम्मीदवार को कोटा (Quota) के अनुसार स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो द्वितीय वरीयता के वोटों की गिनती के आधार पर ही हार-जीत का अंतिम फैसला होगा।
पटना शिक्षक सीट पर नवल किशोर यादव ने बनाई मजबूत बढ़त
स्नातक सीट के विपरीत, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अनुभवी उम्मीदवार नवल किशोर यादव अपनी बढ़त को लगातार मजबूत करते दिख रहे हैं। नवल किशोर यादव 150 वोटों की बढ़त के साथ अपने विरोधियों पर राजनीतिक दबाव बनाने में सफल रहे हैं। शिक्षक मतदाताओं के बीच उनकी पुरानी पैठ और मजबूत संगठनात्मक ढांचे का फायदा उन्हें इस चुनाव में स्पष्ट रूप से मिलता नजर आ रहा है। हालांकि, विपक्षी खेमे के उम्मीदवार भी हार मानने को तैयार नहीं हैं और उनका दावा है कि अगले चरणों की गिनती में समीकरण बदल सकते हैं। मतगणना हॉल के भीतर मतगणना एजेंटों द्वारा एक-एक मतपत्र की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और समर्थकों का जमावड़ा
पटना स्थित एएन कॉलेज मतगणना केंद्र के बाहर और भीतर सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था (Three-tier Security) लागू की है। मतगणना केंद्र के आसपास अनधिकृत वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और केवल पास धारक एजेंटों व अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। एएन कॉलेज के बाहर विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का भारी हुजूम उमड़ा हुआ है। जैसे ही किसी राउंड के नतीजों की घोषणा लाउडस्पीकर से होती है, समर्थकों के बीच नारेबाजी और उत्साह का माहौल देखने को मिलता है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
बिहार की राजनीति और आगामी चुनावों पर इन नतीजों का प्रभाव
पटना स्नातक और शिक्षक सीटों के नतीजे केवल दो विधान परिषद सदस्यों के चयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये चुनाव परिणाम बिहार की मौजूदा राजनीतिक आबोहवा का स्पष्ट संकेत भी दे रहे हैं। पटना प्रमंडल का यह इलाका पढ़े-लिखे युवाओं, स्नातकों और शिक्षकों का गढ़ माना जाता है। ऐसे में इन दो प्रमुख वर्गों का जनादेश किस ओर जाता है, यह देखना एनडीए (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) दोनों ही गठबंधनों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यदि नीरज कुमार और नवल किशोर यादव अपनी इस बढ़त को जीत में बदलने में सफल रहते हैं, तो यह सत्ताधारी गठबंधन के लिए बड़ी राहत होगी। वहीं, अगर विपक्षी प्रत्याशी अंतिम दौर में पासा पलटते हैं, तो यह राज्य की राजनीति में एक नए कूटनीतिक हलचल को जन्म देगा।