संजय सिंह का बड़ा दावा बीजेपी कांग्रेस और अकाली दल पर पंजाब को बदनाम करने की साजिश का लगाया आरोप

संजय सिंह का बड़ा दावा बीजेपी कांग्रेस और अकाली दल पर पंजाब को बदनाम करने की साजिश का लगाया आरोप

पंजाब की राजनीति में नशा और संगरूर के चर्चित गुलजार सिंह मामले को लेकर घमासान चरम पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल द्वारा लगातार पंजाब सरकार और राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की घेराबंदी किए जाने के बाद अब आम आदमी पार्टी ने जोरदार जवाबी पलटवार किया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने चंडीगढ़ में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि गुलजार सिंह ने अपने शुरुआती वीडियो में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का कहीं कोई जिक्र नहीं किया था। संजय सिंह ने विपक्षी दलों पर सीधा आरोप मढ़ते हुए कहा कि भाजपा, शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस मिलकर पंजाब की छवि को खराब करने और मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान को रोकने के लिए घिनौनी साजिश रच रहे हैं।

गुलजार सिंह वीडियो विवाद की इनसाइड स्टोरी: दबाव में दिलवाया गया दूसरा बयान?

संजय सिंह ने गुलजार सिंह से जुड़े पूरे घटनाक्रम का ब्योरा रखते हुए सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह ने जो सबसे पहला वीडियो बनाया था, उसमें न तो आम आदमी पार्टी का कोई जिक्र था और न ही कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम लिया गया था। आप सांसद ने दावा किया कि पंजाब में विपक्ष के नेताओं ने गुलजार सिंह का भावनात्मक और राजनीतिक इस्तेमाल किया। उन्हें गाड़ियों में लेकर घुमाया गया और उन पर मानसिक दबाव बनाकर बार-बार वीडियो रिकॉर्ड करवाए गए, जब तक कि उन्होंने सरकार और मंत्री के खिलाफ बयान नहीं दे दिया। संजय सिंह के मुताबिक, विपक्षी दलों द्वारा इस तरह की विकृत और अवसरवादी राजनीति के जरिए एक दुखद घटना को राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा है, ताकि लोगों का ध्यान पंजाब में नशे की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कड़े प्रशासनिक कदमों से भटकाया जा सके।

तीन चेहरों के इर्द-गिर्द विपक्ष की स्क्रिप्ट: जग्गा, मोहनजीत और गुलजार का जिक्र

सांसद संजय सिंह ने विपक्षी हमलों की धज्जियां उड़ाते हुए कहा कि भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल जिस अभियान को चला रहे हैं, उसके तीन प्रमुख चेहरे हैं—जग्गा सिंह, मोहनजीत सिंह और गुलजार सिंह। उन्होंने विशेष रूप से जग्गा सिंह का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए सवाल दागा कि भाजपा जिस व्यक्ति को अपना 'भाई' और नशा विरोधी योद्धा बताकर पेश कर रही है, उसकी असलियत क्या है? संजय सिंह ने खुलासा किया कि जग्गा सिंह कोई सामाजिक कार्यकर्ता नहीं बल्कि आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ एनडीपीएस (NDPS Act), आबकारी अधिनियम, बलात्कार और अपहरण जैसे संगीन अपराधों के कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से चार मामलों में अदालत द्वारा उसे बाकायदा दोषी भी ठहराया जा चुका है। वहीं, दूसरे व्यक्ति मोहनजीत सिंह पर भी करीब आठ गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। आप सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद नशा तस्करी और घिनौने अपराधों के मुकदमों में घिरे हैं, उनके कंधों पर बंदूक रखकर विपक्षी पार्टियां अपनी खोई हुई सियासी जमीन तलाशने का प्रयास कर रही हैं।

पंजाब में नशे की नर्सरी किसने लगाई? अकाली, भाजपा और कांग्रेस के पुराने दौर की याद

विपक्षी दलों के बयानों का जवाब देते हुए संजय सिंह ने पंजाब के राजनीतिक इतिहास का हवाला दिया और कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस को नशे के मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में वह दौर भी सबने देखा है जब अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के शासनकाल में ड्रग्स माफियाओं को सत्ता का खुला संरक्षण हासिल था। उस दौरान नशा सिंडिकेट का जाल इस कदर फैल गया था कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में पढ़ने वाले मासूम बच्चे तक 'चिट्टे' और सिंथेटिक ड्रग्स की चपेट में आकर जान गंवा रहे थे। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इन तीनों दलों की सरकारों ने मिलकर पंजाब के युवाओं के भविष्य को बर्बाद किया और गांव-गांव तक नशे की खेप पहुंचाने का अक्षम्य पाप किया। आज जब भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार नशा तस्करों की संपत्तियों को जब्त कर रही है और उनके नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर रही है, तो दशकों तक इस काले धंधे से फायदा उठाने वाले सियासी दल बेचैन होकर एक मंच पर आ गए हैं।

मुंद्रा पोर्ट से जहरीली शराब कांड तक: संजय सिंह का केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर सीधा हमला

संजय सिंह ने भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय स्तर के मामलों को भी मंच से उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब पर झूठी उंगलियां उठाने वाली भाजपा को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से 20,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नशीली दवाओं की जो ऐतिहासिक बरामदगी हुई थी, उस मामले में आज तक बड़े मगरमच्छों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई हुई? उन्होंने एनआईए (NIA) के सुप्रीम कोर्ट में दिए गए उस हलफनामे की याद दिलाई, जिसमें जांच एजेंसी ने कहा था कि इस भारी-भरकम ड्रग्स सिंडिकेट का पैसा पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों को वित्तीय मदद देने में इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, जिस गुजरात में पूर्ण शराबबंदी लागू है, वहां जहरीली शराब के सेवन से 100 से अधिक निर्दोष नागरिकों की अकाल मृत्यु हो गई। वहीं पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 105 से अधिक लोग जहरीली शराब पीने से मारे गए थे, लेकिन उस समय भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के मुंह से संवेदना का एक शब्द तक नहीं निकला।

भगवंत मान सरकार की सख्त चेतावनी: पंजाब को बदनाम करने की सियासत नहीं होगी बर्दाश्त

संजय सिंह ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार हर मंच पर इस मुद्दे पर बहस करने को तैयार है, लेकिन किसी भी सूरत में पंजाब और पंजाबियों को बदनाम नहीं होने दिया जाएगा। राज्य सरकार की नशा विरोधी मुहिम किसी भी राजनीतिक दबाव या दुष्प्रचार के आगे नहीं झुकेगी। पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियां बिना किसी भेदभाव के नशा माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी रखेंगी। पंजाब सरकार राज्य के युवाओं को खेलों, रोजगार और आधुनिक शिक्षा से जोड़कर राज्य को दोबारा 'रंगला पंजाब' बनाने की दिशा में प्रतिबद्ध है, जबकि हताश विपक्ष केवल मनगढ़ंत नैरेटिव बनाकर राज्य के माहौल को बिगाड़ने का असफल प्रयास कर रहा है।