पटना स्नातक से जीत गए नीरज कुमार, मिला सर्टिफिकेट; अनंत के अनुज तीसरे नंबर पर

पटना स्नातक से जीत गए नीरज कुमार, मिला सर्टिफिकेट; अनंत के अनुज तीसरे नंबर पर

बिहार की राजनीति में खासा प्रभाव रखने वाले पटना स्नातक विधान परिषद (MLC) चुनाव के बहुप्रतीक्षित और कांटे की टक्कर वाले नतीजों की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने एक बार फिर अपना राजनीतिक दबदबा साबित करते हुए पटना स्नातक सीट पर शानदार जीत दर्ज कर ली है। मतगणना के अंतिम चरण के बाद चुनाव अधिकारियों ने उन्हें विधिवत रूप से जीत का सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र) सौंप दिया है। इस सीट पर शुरुआत से ही कड़ा मुकाबला देखा जा रहा था, लेकिन प्रथम और द्वितीय वरीयता के वोटों की गणना पूरी होने के बाद नीरज कुमार ने अपने सभी निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर इस प्रतिष्ठित सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

मोकामा के बाहुबली अनंत सिंह के अनुज तीसरे पायदान पर खिसके और चुनावी समीकरणों में हुआ बड़ा उलटफेर

इस चुनाव में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाले प्रत्याशियों में शामिल मोकामा के चर्चित पूर्व विधायक अनंत सिंह के भाई (अनुज) सच्चिदानंद सिंह उर्फ अनुज सिंह को करारा झटका लगा है। भारी तामझाम और आक्रामक प्रचार अभियान के बावजूद अनुज सिंह मतदाताओं को पूरी तरह से साधने में नाकाम रहे और मतगणना के अंत में वे तीसरे नंबर पर खिसक गए। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि अनुज सिंह अपने क्षेत्रीय प्रभाव और पारिवारिक आधार के बल पर नीरज कुमार को कड़ी टक्कर देंगे, लेकिन स्नातक मतदाताओं ने अनुभवी और मुखर नेता नीरज कुमार के पक्ष में ही अपना स्पष्ट फैसला सुनाया। वहीं दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी भी नीरज कुमार के बड़े अंतर वाले वोट बैंक में सेंध लगाने में असफल साबित हुए।

पटना स्नातक सीट का भौगोलिक और राजनीतिक महत्व: 4 जिलों के स्नातकों ने तय किया भविष्य

पटना स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र केवल पटना शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार बिहार के चार प्रमुख जिलों—पटना, नालंदा, नवादा और गया के क्षेत्रों तक फैला हुआ है। इस चुनाव में केवल पंजीकृत स्नातक (Graduate) मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं, जो इसे राज्य के अन्य चुनावों से अलग और बौद्धिक वर्ग का चुनाव बनाता है। इन चारों जिलों के विभिन्न शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालयों, वकीलों, डॉक्टरों, शिक्षकों और युवा स्नातकों ने नीरज कुमार के पिछले कार्यकाल के दौरान उठाए गए मुद्दों, विधायी प्रदर्शन और उनकी निरंतर सक्रियता पर अपना भरोसा जताया। नीरज कुमार की यह लगातार जीत दर्शाती है कि पटना प्रमंडल के प्रबुद्ध वर्ग में उनके प्रति विश्वास आज भी उतना ही मजबूत है।

जीत के बाद नीरज कुमार का बयान और बिहार की राजनीति पर इस चुनावी नतीजे का दूरगामी असर

चुनाव आयोग के अधिकारियों से जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद जदयू नेता नीरज कुमार ने अपनी खुशी जाहिर की और क्षेत्र के तमाम स्नातक मतदाताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं व शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह जीत पटना प्रमंडल के शिक्षित और जागरूक युवाओं की जीत है, जिन्होंने विकास, सुशासन और पारदर्शी नेतृत्व पर अपनी मोहर लगाई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे स्नातकों के रोजगार, उच्च शिक्षा में सुधार, शिक्षकों व कर्मचारियों की समस्याओं को विधान परिषद के पटल पर पहले से भी ज्यादा प्रमुखता के साथ उठाते रहेंगे।

बधाई देने वालों का लगा तांता और पार्टी समर्थकों में जबरदस्त जश्न का माहौल

नीरज कुमार को सर्टिफिकेट मिलने और आधिकारिक जीत की घोषणा होते ही समर्थकों और जदयू कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। मतगणना केंद्र के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं ने अबीर-गुलाल उड़ाकर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर जश्न मनाना शुरू कर दिया। पटना से लेकर नालंदा और नवादा तक समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के वरिष्ठ नेताओं ने भी नीरज कुमार को इस शानदार जीत की बधाई दी और इसे पार्टी के सुशासन एजेंडे की बड़ी जीत करार दिया। आने वाले दिनों में यह चुनाव परिणाम बिहार के भावी राजनीतिक समीकरणों को भी काफी हद तक दिशा देने का काम करेगा।