पटना पुलिस ने कोर्ट को सौंपी केस डायरी, 'सेल्फ डिफेंस' के दावे पर उठे गंभीर सवाल

पटना पुलिस ने कोर्ट को सौंपी केस डायरी, 'सेल्फ डिफेंस' के दावे पर उठे गंभीर सवाल

 

देश के सबसे चर्चित और मशहूर ऑनलाइन शिक्षक फैजल खान उर्फ 'खान सर' को पटना की जिला एवं सत्र अदालत से एक बार फिर बड़ी कानूनी राहत मिल गई है। ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के साथ हुए हिंसक विवाद और उसके बाद उनके सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई फायरिंग के हाई-प्रोफाइल मामले में अदालत ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Application) पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक को अगली तारीख तक के लिए बढ़ा दिया है।

शनिवार को पटना पुलिस ने इस मामले की विस्तृत केस डायरी माननीय अदालत के समक्ष पेश की। जज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत समीक्षा के लिए अगली सुनवाई की तारीख 25 जून तय की है, तब तक पटना पुलिस खान सर को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी।

25 जून तक टली सुनवाई: जानिए क्या था मुसल्लहपुर हाट का वो पूरा विवाद

यह पूरा विवाद 2 जून की रात का है, जब पटना के मुसल्लहपुर स्थित 'खान ग्लोबल स्टडीज' और 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' के बीच बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के रिजल्ट का क्रेडिट लेने को लेकर ठन गई थी। दोनों बड़े कोचिंग संस्थानों के समर्थकों के बीच जमकर मारपीट, पथराव और तोड़फोड़ हुई। इस हंगामे के दौरान खान सर के दो निजी गार्डों—प्रदीप कुमार और तालेबर सिंह ने हवा में ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था।

इस मामले में कदमकुआं थाने में दर्ज दूसरी एफआईआर में खान सर को भी नामजद आरोपी बनाया गया था। जेल में बंद दोनों गार्ड्स ने पुलिसिया पूछताछ में बयान दिया था कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही फायरिंग की थी, जिसके बाद से ही खान सर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

पुलिस की केस डायरी ने खोला राज: 'सेल्फ डिफेंस' नहीं, दहशत फैलाने के लिए हुई फायरिंग

सूत्रों से मिली बेहद पुख्ता जानकारी के मुताबिक, शनिवार को पटना पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई केस डायरी में खान सर की मुश्किलें बढ़ाने वाले कई अहम तथ्य दर्ज हैं। पुलिस की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच में यह समय का बड़ा फेरबदल सामने आया है कि 2 जून की रात को कोचिंग के बाहर तोड़फोड़ और मारपीट की घटना रात करीब 10:10 बजे हुई थी, जबकि खान सर के गार्ड्स ने उसके पूरे 20 मिनट बाद यानी रात 10:30 बजे हवाई फायरिंग की थी।

इसी टाइम गैप के आधार पर पुलिस ने केस डायरी में साफ तौर पर लिखा है कि यह फायरिंग 'सेल्फ डिफेंस' (आत्मरक्षा) में नहीं, बल्कि इलाके में दहशत और खौफ फैलाने के उद्देश्य से की गई थी।

रौशन आनंद के भाई की नेपाल में संदिग्ध मौत से गर्माया मामला

इस गुरु-युद्ध ने उस वक्त बेहद संवेदनशील और आपराधिक मोड़ ले लिया, जब ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव (जो गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भाग गया था) की पिछले सप्ताह विराटनगर के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

रौशन आनंद और उनके समर्थकों द्वारा सीधे तौर पर खान सर और एक कोल्ड स्टोरेज मालिक पर साजिश के तहत हत्या कराने का संगीन आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, नेपाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है और अब तक इसमें किसी भी तरह की आपराधिक या सुनियोजित साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

दोनों तरफ से दर्ज हुई थी एफआईआर, रौशन आनंद को मिल चुकी है बेल

कदमकुआं थाने में इस पूरे उपद्रव को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। पहली एफआईआर खान सर के संस्थान की तरफ से थी, जिसमें ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिन्हें बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

अब सबकी नजरें 25 जून को होने वाली अगली अदालती सुनवाई पर टिकी हैं, जहां पुलिस डायरी के आधार पर तय होगा कि खान सर को नियमित अग्रिम जमानत मिलती है या पटना पुलिस को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की खुली छूट मिलेगी।

 

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