मोतिहारी में 'नोट डबलिंग' गिरोह का सनसनीखेज भंडाफोड़: 1 करोड़ की फेक करेंसी, कैश और 'सोने के बिस्कुट' के साथ 4 जालसाज गिरफ्तार
बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से ठगी और जाली नोटों के एक ऐसे हैरान कर देने वाले रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए हैं। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भोपतपुर गांव में पुलिस ने मंगलवार देर रात एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 'नोट डबलिंग' (पैसा दोगुना करने) और नकली नोट खपाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में मौके से करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य की फेक करेंसी (कथित जाली नोट), 13 लाख रुपये की असली नकदी, 38 नकली सोने के बिस्कुट और पुलिस की नकली वर्दी बरामद की गई है। इस दौरान पुलिस ने गिरोह के 4 मुख्य गुर्गों को रंगे हाथ धर दबोचा।
'5 हजार दो, 15 हजार लो' का लालच; ऐसे जाल में फंसाते थे शिकार
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में इस शातिर गिरोह के काम करने के बेहद चौंकाने वाले तरीके (Modus Operandi) का खुलासा हुआ है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को कम समय में अमीर बनने का सपना दिखाता था। ठग लोगों से कहते थे, "आप हमें ₹5,000 की असली नकदी दीजिए, हम आपको बदले में ₹15,000 के जाली नोट देंगे, जो बाजार में धड़ल्ले से चलेंगे।" पहली बार में यह गिरोह लोगों का भरोसा जीतने के लिए गड्डी के ऊपर और नीचे असली नोट लगाता था और बीच में सिर्फ सादे रंगीन कागज या हल्के जाली नोट ठूस देता था।
रेड मारने पहुंच जाती थी 'फर्जी पुलिस'; सुनसान जगहों पर होता था पूरा खेल
इस सिंडिकेट की ठगी का जाल सिर्फ नोट बदलने तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इनका असली खेल बड़ी डील्स में शुरू होता था:
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सुनसान जगह पर बुलाना: जब कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर 5 लाख या उससे अधिक की बड़ी रकम लेकर नोट डबल कराने पहुंचता था, तो आरोपी उसे किसी बेहद सुनसान इलाके या खंडहर में बुलाते थे।
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नकली पुलिस की छापेमारी: जैसे ही पैसों का लेन-देन शुरू होने वाला होता, गिरोह के कुछ अन्य सदस्य पुलिस की वर्दी पहनकर, दरोगा और सिपाही बनकर मौके पर पहुंच जाते और नकली छापेमारी (Fake Raid) का नाटक करते थे।
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डराकर पैसे लूटना: शिकार बनी पार्टी जेल जाने और बदनामी के डर से अपनी असली नकदी वहीं छोड़कर भाग खड़ी होती थी। इस तरह यह गिरोह बिना किसी खून-खराबे के लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर लेता था।
आधी रात को चला स्पेशल ऑपरेशन; बरामदगी देख पुलिस भी हैरान
मोतिहारी पुलिस को कल्याणपुर के भोपतपुर गांव में इस गिरोह की बड़ी डील होने की पुख्ता इनपुट मिली थी। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने देर रात पूरे इलाके की घेराबंदी कर धावा बोल दिया। रातभर चले इस सघन सर्च ऑपरेशन में पकड़े गए 4 आरोपियों के पास से बरामदगी की सूची लंबी है:
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कथित जाली नोट (Fake Currency): ₹1 करोड़ के फेस वैल्यू वाले भारी मात्रा में प्रिंटेड नोट।
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असली कैश: ठगी और डीलिंग के लिए रखे गए ₹13 लाख नगद।
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धोखाधड़ी का सामान: लोगों को ठगने के लिए रखे गए 38 कथित सोने के बिस्कुट (जिनकी सत्यता की जांच की जा रही है), गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन, कई मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण।
अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
चूंकि मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) की सीमा सीधे तौर पर नेपाल से लगती है, इसलिए पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। पकड़े गए आरोपियों में से कुछ का पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस सिंडिकेट के तार बिहार के अन्य जिलों, देश के दूसरे राज्यों या सीमा पार नेपाल के जाली नोट तस्करों से तो नहीं जुड़े हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में अभी और भी कई खुलासे होने बाकी हैं और गिरोह के फरार अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।