भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली और सेंसेक्स में बड़ी गिरावट
हफ्ते के शुरुआती कारोबारी सत्रों के दौरान भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर से भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे निवेशकों की गाढ़ी कमाई पलभर में कम हो गई। घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) में आज कारोबार के दौरान जबरदस्त उतार-चढ़ाव के बाद जोरदार गिरावट दर्ज की गई। सत्र की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 से अधिक अंकों का गोता लगाकर बंद हुआ, जिससे बाजार में निवेशकों के बीच मायूस माहौल छा गया। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और प्रमुख सूचकांकों में शामिल हैवीवेट शेयरों में मुनाफावसूली को इस गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है। बाजार के इस अचानक तेवर से निवेशकों के पोर्टफोलियो में भारी गिरावट दर्ज की गई है और निवेशकों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।
वैश्विक संकेत और घरेलू बाजार पर बिकवाली का दबाव
आज के इस कारोबारी सत्र में बाजार की शुरुआत से ही सुस्ती का माहौल छाया हुआ था। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बिकवाली का दबाव बढ़ता चला गया और देखते ही देखते सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा फिसल गया। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिकी बाजारों के कमजोर रुझान और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जोखिम भरे शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। इसके अलावा, घरेलू मोर्चे पर भी निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूलना बेहतर समझा, जिसके कारण बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर के प्रमुख शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। बाजार के इस रुख ने यह साबित कर दिया है कि मौजूदा समय में बाजार में अनिश्चितता का दौर बना हुआ है और निवेशकों को फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है।
टॉप गेनर्स और लूजर्स: किस शेयर को हुआ फायदा और किसे भारी नुकसान
सेंसेक्स की इस भारी गिरावट के बीच चुनिंदा शेयरों को छोड़कर अधिकांश शेयरों में लाल निशान पर कारोबार हुआ। आज के सत्र में जिन कंपनियों के शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा (Top Losers), उनमें बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर की बड़ी कंपनियां शामिल रहीं। दूसरी तरफ, कुछ चुनिंदा शेयरों में मंदी के माहौल के बीच भी लिवाली देखने को मिली, जो आज के टॉप गेनर्स (Top Gainers) की सूची में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों ने बाजार के इस विपरीत माहौल में भी निवेशकों को मामूली बढ़त दिलाने का काम किया। विशेषज्ञों का सुझाव है कि मौजूदा बाजार स्थिति में निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि गुणवत्ता वाले शेयरों (Quality Stocks) में लंबी अवधि के नजरिए से ही निवेश की रणनीति बनानी चाहिए।
निवेशकों के लिए आगे की राह और बाजार विशेषज्ञों की सलाह
शेयर बाजार में इस तरह की अचानक आई तेज गिरावट इस बात की याद दिलाती है कि इक्विटी बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है। जो निवेशक छोटी अवधि के मुनाفले के लिए बाजार में उतरते हैं, उन्हें इस तरह के उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह समय अच्छे और फंडामेंटल रूप से मजबूत शेयरों को सही मूल्यांकन (Valuation) पर खरीदने का अवसर भी प्रदान करता है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक आगामी तिमाही नतीजों, वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से प्रभावित होकर जल्दबाजी में फैसले न लें और अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह के अनुसार ही अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें।