Muhurat Trading 2026: रविवार को बंद नहीं रहेगा शेयर मार्केट, दिवाली पर इस समय होगी मुहूर्त ट्रेडिंग

Muhurat Trading 2026: रविवार को बंद नहीं रहेगा शेयर मार्केट, दिवाली पर इस समय होगी मुहूर्त ट्रेडिंग

दीपावली का त्योहार न केवल खुशियों और रोशनी का पर्व है, बल्कि दलाल स्ट्रीट और देश भर के निवेशकों के लिए एक नए वित्तीय वर्ष की शुभ शुरुआत का भी प्रतीक माना जाता है। अमूमन रविवार के दिन देश के प्रमुख शेयर बाजार यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) बंद रहते हैं, लेकिन दिवाली के पावन अवसर पर यह परंपरा बदल जाती है। इस बार रविवार को भी शेयर बाजार बंद नहीं रहेगा और दलाल स्ट्रीट में पारंपरिक 'मुहूर्त ट्रेडिंग' का आयोजन किया जाएगा। इस खास एक घंटे के ट्रेडिंग सेशन के दौरान निवेशक और ट्रेडर्स नए संवत के स्वागत में शेयर खरीदकर अपनी समृद्ध वित्तीय यात्रा का श्रीगणेश करते हैं। यदि आप भी इस शुभ मुहूर्त में शेयर बाजार में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए मुहूर्त ट्रेडिंग की सटीक टाइमिंग, प्री-ओपन सेशन और मार्केट का पूरा शेड्यूल जानना बेहद जरूरी है।

Muhurat Trading 2026: जानिए क्या है मुहूर्त ट्रेडिंग और इसका ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व

भारतीय शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दशकों पुरानी है, जिसकी शुरुआत बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में वर्ष 1957 में हुई थी, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 1992 से इस परंपरा को अपनाना शुरू किया। हिंदू पंचांग के अनुसार दिवाली के दिन से नया विक्रम संवत शुरू होता है, जिसे व्यापारी वर्ग नए वित्तीय वर्ष और बही-खाते के पूजन के रूप में मनाता है। मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में शेयर बाजार में निवेश करने से मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे निवेशकों को पूरे साल धन-समृद्धि और बंपर रिटर्न मिलता है। इस दिन ज्यादातर निवेशक लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर खरीदते हैं या फिर अपने पोर्टफोलियो में नए टोकन शेयर्स को शामिल करते हैं। इस सेशन के दौरान शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना केवल वित्तीय फैसला नहीं, बल्कि एक शुभ शकुन माना जाता है।

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 की सटीक टाइमिंग, प्री-ओपन सेशन और ब्लॉक डील विंडो का पूरा शेड्यूल

दिवाली के दिन आयोजित होने वाले इस विशेष एक घंटे के ट्रेडिंग सेशन के लिए दोनों प्रमुख एक्सचेंजों (BSE और NSE) ने समय सीमा तय कर दी है। मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन नियमित ट्रेडिंग घंटों के बजाय बाजार केवल शाम के समय एक निश्चित अवधि के लिए खुलता है। सबसे पहले शाम को ब्लॉक डील विंडो खुलती है, जिसके बाद प्री-ओपन सेशन आयोजित किया जाता है जहां निवेशक ऑर्डर प्लेस करते हैं। इसके ठीक बाद मुख्य मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन शुरू होता है जिसमें इक्विटी, डेरिवेटिव्स (F&O), करेंसी और कमोडिटी सेगमेंट में सौदे किए जाते हैं। शाम के इस शुभ काल में निवेशक अपने परिवार के साथ मिलकर या लक्ष्मी पूजन के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए ट्रेडिंग में हिस्सा लेते हैं। सेशन के अंत में क्लोजिंग सेशन आयोजित किया जाता है जहां सभी पेंडिंग ऑर्डर्स को मैच करके दिन का कारोबार संपन्न होता है।

किन सेगमेंट में होगी ट्रेडिंग और निवेशकों को इस शुभ दिन पर कैसे बनानी चाहिए रणनीति

मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 के दिन इक्विटी (Cash), इक्विटी डेरिवेटिव्स (Futures & Options), करेंसी डेरिवेटिव्स, कमोडिटी डेरिवेटिव्स और सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बरोइंग (SLB) जैसे सभी प्रमुख सेगमेंट्स में एक साथ कारोबार होता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक घंटे के स्पेशल सेशन में अत्यधिक सट्टेबाजी या एग्रेसिव इंट्राडे ट्रेडिंग से बचना चाहिए। चूंकि बाजार में लिक्विडिटी सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए निवेशकों को केवल उन कंपनियों के शेयरों में दांव लगाना चाहिए जिनका बिजनेस मॉडल मजबूत हो और जो लंबी अवधि में मल्टीबैगर रिटर्न देने का दम रखती हों। कई बड़े ब्रोकरेज हाउस भी दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन अपने ग्राहकों के लिए 'दिवाली पिक' और खास रिसर्च रिपोर्ट्स जारी करते हैं, जिनकी मदद से नए और अनुभवी दोनों तरह के निवेशक समझदारी से सही स्टॉक्स चुन सकते हैं।

नए संवत की शुरुआत पर बाजार विशेषज्ञों का नजरिया और नए निवेशकों के लिए खास टिप्स

दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग के साथ ही नए संवत का आगाज हो जाता है, जिसे लेकर दलाल स्ट्रीट के विश्लेषक काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक चुनौतियों और घरेलू आर्थिक मजबूती के बीच भारतीय शेयर बाजार में दीर्घकालिक वृद्धि की अपार संभावनाएं बनी हुई हैं। पहली बार शेयर बाजार में कदम रखने वाले नए निवेशकों के लिए मुहूर्त ट्रेडिंग एक सबसे अच्छा अवसर होता है। यदि आप शेयर बाजार में शुरुआत करना चाहते हैं, तो इस शुभ दिन पर निफ्टी 50 या सेंसेक्स की दिग्गजों (लार्जकैप कंपनियों), म्यूचुअल फंड्स या ईटीएफ (ETF) में एक छोटा सा अनुशासित निवेश करके अपने वित्तीय भविष्य की नींव रख सकते हैं। इस तरह दिवाली का यह पावन पर्व आपके जीवन में रोशनी के साथ-साथ वित्तीय समृद्धि की नई राहें भी खोलेगा।