7 दिनों के इंतजार के बाद भी आज क्यों नहीं खुली ईपीएफओ की वेबसाइट? जानिए सर्वर डाउन होने की असली वजह और लेटेस्ट अपडेट
देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूटता नजर आ रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की आधिकारिक वेबसाइट और ऑनलाइन मेंबर पोर्टल पिछले एक हफ्ते से पूरी तरह क्रैश पड़ा हुआ है। तकनीकी विभाग और अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दावों और मेंटेनेंस के बाद इस ठप पड़े पोर्टल को आज दोबारा लाइव किया जाना था। लेकिन जब आज सुबह देश भर के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों ने पीएफ एडवांस, क्लेम स्टेटस और पासबुक चेक करने के लिए लॉगिन करने की कोशिश की, तो उन्हें एक बार फिर वही पुराना 'सर्वर एरर' और 'साइट कैनॉट बी रीच्ड' का सामना करना पड़ा। इस लगातार बढ़ती डिजिटल रुकावट के कारण लखनऊ, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु समेत देश के सभी बड़े औद्योगिक और कॉर्पोरेट शहरों में कामकाजी वर्ग के बीच भारी निराशा और आक्रोश का माहौल है।
आज खुलने का था दावा, जानिए आखिर क्यों नहीं लॉगिन हो पा रहा यूएएन पोर्टल
ईपीएफओ के आईटी विभाग की ओर से संकेत मिले थे कि पिछले 7 दिनों से चल रहा डेटाबेस माइग्रेशन और तकनीकी अपग्रेडेशन का काम आज सुबह तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद सेवाएं सामान्य हो जाएंगी। लेकिन आज तय समय के बाद भी जब मेंबर होम पेज ओपन नहीं हुआ, तो तकनीकी जानकारों ने इसकी वजह बताई। दरअसल, ईपीएफओ के केंद्रीय डेटा सर्वर पर पिछले एक हफ्ते से पेंडिंग पड़े करोड़ों क्लेम्स और रिक्वेस्ट का भारी बैकलॉग जमा हो चुका है। जैसे ही आज सुबह पोर्टल को आंशिक रूप से लाइव करने की कोशिश की गई, देश भर से लाखों यूजर्स ने एक साथ लॉगिन करने का प्रयास किया। इस अचानक आए अत्यधिक ट्रैफिक लोड (Traffic Surge) को सर्वर संभाल नहीं सका और वेबसाइट दोबारा क्रैश हो गई।
उमंग ऐप पर भी सेवाएं ठप, पीएफ ऑफिसों में अधिकारियों के छूटे पसीने
वेबसाइट न खुलने की स्थिति में जो सब्सक्राइबर्स वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहे थे, उन्हें भी तगड़ा झटका लगा है। सरकार के आधिकारिक 'उमंग ऐप' (Umang App) पर ईपीएफओ की पासबुक और क्लेम ट्रैकिंग सर्विस लगातार 'टेक्निकल ग्लिच' के कारण पूरी तरह बंद पड़ी है। ऑनलाइन विकल्प पूरी तरह बंद होने के कारण लोग भारी संख्या में अपने स्थानीय और क्षेत्रीय पीएफ कार्यालयों (जैसे लखनऊ के विभूति खंड और वजीरगंज स्थित क्षेत्रीय कार्यालयों) का रुख कर रहे हैं। हालांकि, वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के भी पसीने छूटे हुए हैं, क्योंकि केंद्रीय सर्वर (Centralized Server) पूरी तरह डाउन होने के कारण वे भी अपने आंतरिक सिस्टम पर किसी भी कर्मचारी का डेटा एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं।
ईपीएफओ तकनीकी टीम का ताजा बयान: अब कब तक ठीक होगी वेबसाइट?
इस महा-संकट के बीच ईपीएफओ के तकनीकी विंग से जुड़ा एक बड़ा और ताजा अपडेट सामने आया है। ईपीएफओ के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, तकनीकी इंजीनियर्स की एक स्पेशल टीम दिल्ली मुख्यालय से सीधे सर्वर को रिबूट करने और लोड बैलेंसिंग सॉफ्टवेयर को अपडेट करने में जुटी हुई है। ईपीएफओ के सोशल मीडिया हैंडल से आ रहे जवाबों के मुताबिक, सुरक्षा और डेटा बैकअप की कड़े स्तर पर जांच की जा रही है ताकि भविष्य में डेटा लीक जैसी कोई समस्या न हो। अधिकारियों का अनुमान है कि सर्वर को पूरी तरह स्थिर होने और आम जनता के लिए सुचारू रूप से काम करने में अभी कम से कम 24 से 48 घंटे का समय और लग सकता है। विभाग ने सब्सक्राइबर्स से अपील की है कि वे बार-बार लॉगिन का प्रयास करके सर्वर पर अतिरिक्त लोड न बढ़ाएं।
आधुनिक एआई जनरेटिव सर्च पर पीएफ सब्सक्राइबर्स का फूटा गुस्सा
वेबसाइट के लगातार बंद रहने और आज भी पोर्टल न खुलने की वजह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शिकायतों की बाढ़ आ गई है। लोग मेडिकल इमरजेंसी और बच्चों के एडमिशन की फीस भरने के लिए पैसे न निकाल पाने की अपनी लाचारी साझा कर रहे हैं। दूसरी तरफ, गूगल और बिंग के आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च इंजन (Generative Engine Optimization) पर इस समय 'EPFO website today status update', 'Why EPFO portal failed to open today 2026' और 'How to settle PF claim urgently offline' जैसे सवालों की खोज अपने चरम पर पहुंच गई है। देश का नौकरीपेशा वर्ग इस समय सिर्फ यही दुआ कर रहा है कि यह तकनीकी खराबी जल्द से जल्द दूर हो ताकि वे अपनी गाढ़ी कमाई के पैसे पर अपना हक पा सकें।