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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : हरिद्वार स्थित भारत माता मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन स्वामी सत्यामित्रानंद गिरि महाराज की समाधि स्थली पर आयोजित “श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह” का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में देश और राज्यों के कई बड़े नेता, संत-महात्मा और गणमान्य लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मोहनलाल खट्टर सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। मूर्ति स्थापना के पश्चात विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया, जिसमें सनातन संस्कृति, राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता पर विचार रखे गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी सत्यामित्रानंद गिरि महाराज सनातन संस्कृति के सच्चे ध्वजवाहक थे। उनकी समाधि स्थली पर श्रीविग्रह की स्थापना से आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत केवल भौगोलिक सीमाओं का नाम नहीं है, बल्कि यह ऋषियों की तपस्या, संतों की साधना और किसानों के परिश्रम से निर्मित राष्ट्र है।

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बात करते हुए कहा कि आज यूपी में न कर्फ्यू लगता है और न ही दंगे होते हैं। प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण है। उन्होंने कहा कि जहां धर्म होता है, वहीं विजय होती है और धर्म को कमजोर करने के प्रयास कभी सफल नहीं हो सकते।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संतों ने सदियों से भारतीय संस्कृति की रक्षा की है। संत परंपरा हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद को केवल राजनीतिक दृष्टि से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के रूप में समझने की आवश्यकता है। सनातन संस्कृति जीवन को सही दिशा देती है और सही-गलत का बोध कराती है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत-महात्मा सनातन संस्कृति के संरक्षक रहे हैं। स्वामी सत्यामित्रानंद गिरि महाराज का जीवन समाज को जोड़ने और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित था। उन्होंने इस आयोजन को उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय बताया।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्वामी सत्यामित्रानंद गिरि महाराज की समाधि स्थली को उत्तराखंड का पांचवां धाम बताया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने कहा कि यह मूर्ति और समाधि स्थल संत के विचारों और जीवन दर्शन को सदैव जीवित रखेंगे।

समारोह के दौरान भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट की ओर से वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित ‘समन्वय पुरस्कार’ भी प्रदान किया गया। यह सम्मान समाजसेवा और चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी के डॉ. अनुज सिंघल और डॉ. तारा सिंघल को संयुक्त रूप से दिया गया। पुरस्कार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ और अन्य अतिथियों के करकमलों से प्रदान किया गया।