Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस पार्टी ने पूर्व विधायक और नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अमृतसर में मीडिया से बातचीत के दौरान की।
भूपेश बघेल ने बताया कि डॉ. नवजोत कौर सिद्धू पहले से ही कांग्रेस से निलंबित चल रही थीं। अब पार्टी ने अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ निष्कासन की अंतिम कार्रवाई कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोच्च है और पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह बयान भूपेश बघेल ने अमृतसर में पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार वेरका के आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। इस दौरान उन्होंने पंजाब की राजनीतिक स्थिति और संगठन से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। इसके बावजूद पार्टी ने संगठनात्मक प्रक्रिया को पूरा करते हुए औपचारिक रूप से उन्हें निष्कासित करने का फैसला लिया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह कदम अनुशासनहीनता और लगातार पार्टी लाइन के खिलाफ बयानबाजी को देखते हुए उठाया गया है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए सख्त फैसले जरूरी हैं।
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू अमृतसर से विधायक रह चुकी हैं और लंबे समय तक कांग्रेस की सक्रिय नेता रही हैं। उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू पहले ही पार्टी से अलग राह चुन चुके हैं। ऐसे में यह निष्कासन कांग्रेस और सिद्धू परिवार के बीच राजनीतिक संबंधों में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कांग्रेस का यह फैसला पंजाब में पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता का स्पष्ट संदेश देता है, जिसका असर आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर दिखाई दे सकता है।




