फराह खान रह गईं हैरान! मौनी रॉय ने बताया कैसे मिला था 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में 'कृष्णा' का रोल

फराह खान रह गईं हैरान! मौनी रॉय ने बताया कैसे मिला था 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में 'कृष्णा' का रोल

फराह खान भी रह गईं पूरी तरह हैरान: अभिनेत्री मौनी रॉय ने सालों बाद खोला बड़ा राज, बताया आखिर कैसे मिला था एकता कपूर के सुपरहिट सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में 'कृष्णा' का वह ऐतिहासिक और लाइफ-चेंजिंग रोल

भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री के सुनहरे दौर और एकता कपूर के साम्राज्य की कहानी

भारतीय टेलीविज़न के इतिहास के पन्नों को यदि पलट कर देखा जाए, तो एक ऐसा दौर भी था जब शाम ढलते ही देश भर के घरों में टीवी सेट के सामने सन्नाटा पसर जाता था और हर कोई अपनी चहेती बहुओं और परिवारों की कहानियों में डूब जाता था। एकता कपूर (Ekta Kapoor) के बैनर तले बना वह ऐतिहासिक धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' (Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi) केवल एक टीवी शो नहीं था, बल्कि वह भारतीय मध्यवर्गीय परिवारों की संस्कृति और मनोरंजन का एक बहुत बड़ा हिस्सा बन चुका था। इस शो ने न जाने कितने नए चेहरों को रातों-रात घर-घर का जाना-पहचाना सितारा बना दिया, और उन्हीं भाग्यशाली कलाकारों में से एक नाम खूबसूरत और प्रतिभावान अभिनेत्री मौनी रॉय (Mouni Roy) का भी है। मौनी रॉय ने आज बॉलीवुड से लेकर वैश्विक मंचों तक अपनी एक विशेष पहचान बना ली है, लेकिन उनके इस शानदार अभिनय सफर की शुरुआत कहां से और कैसे हुई थी, यह बात आज भी उनके करोड़ों फैंस के दिलों में एक बड़ी जिज्ञासा बनी हुई है। हाल ही में जब मौनी रॉय ने एक लोकप्रिय टॉक शो के दौरान मशहूर निर्देशक और कोरियोग्राफर फराह खान के सामने इस बात का खुलासा किया कि उन्हें अपना पहला सीरियल कैसे मिला था, तो खुद फराह खान भी हैरान रह गईं।

फराह खान के शो पर मौनी रॉय के उस हैरान कर देने वाले खुलासे की अनकही दास्तान

हाल ही में एक मनोरंजन आधारित पॉडकास्ट या शो के दौरान जब मौनी रॉय बतौर मेहमान शामिल हुईं, जहाँ उनके साथ बॉलीवुड की दिग्गज हस्ती फराह खान भी मौजूद थीं, तब बातचीत का सिलसिला उनके शुरुआती संघर्षों की ओर मुड़ गया। फराह खान यह जानने के लिए बेहद उत्सुक थीं कि कैसे एक साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली लड़की ने टेलीविजन की दुनिया में इतने बड़े बैनर के साथ अपने करियर की शुरुआत की। मौनी रॉय ने बड़े ही सहज और दिलचस्प अंदाज में उस किस्से को याद करते हुए बताया कि जब उन्हें एकता कपूर के उस महागाथा सीरियल में 'कृष्णा' (Krishna) का किरदार निभाने का मौका मिला था, तो उसके पीछे कोई बहुत बड़ा फिल्मी कनेक्शन नहीं था, बल्कि यह सब उनकी किस्मत और कुछ अजीब इत्तेफाकों का नतीजा था। मौनी के मुंह से उस पूरी कहानी को सुनकर वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया, और फराह खान तो अपनी हंसी और हैरानी को रोक ही नहीं पाईं, क्योंकि उन्हें यह विश्वास ही नहीं हो रहा था कि एक नए कलाकार को इंडस्ट्री में पहला ब्रेक इतनी दिलचस्प परिस्थितियों में मिला था।

कैसे मिला था 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में 'कृष्णा' का वह बहुचर्चित किरदार?

मौनी रॉय ने विस्तार से बताते हुए साझा किया कि दिल्ली से मुंबई आने के बाद वे अपने करियर को लेकर बहुत ज्यादा स्पष्ट नहीं थीं और अभिनय की दुनिया उनके लिए बिल्कुल नई और अनजान थी। उन्होंने बताया कि वे एक नॉर्मल ऑडिशन देने के लिए गई थीं जहाँ सैकड़ों अन्य लड़कियां भी लाइन में खड़ी थीं, और उनका चयन होने की उम्मीद लगभग न के बराबर थी। लेकिन जब निर्देशक और कास्टिंग टीम की नजर उन पर पड़ी, तो उन्हें लगा कि इस चेहरे में एक खास मासूमियत और पारंपरिक भारतीय सौंदर्य है जो 'कृष्णा' के किरदार के बिल्कुल सटीक बैठता है। हालांकि, उस ऑडिशन के दौरान मौनी को खुद यह नहीं पता था कि यह शो आगे चलकर भारतीय टेलीविजन का सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाला है। जब उन्हें फाइनल सिलेक्शन का कॉल आया, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा, क्योंकि यह उनके जीवन का वह पहला बड़ा मौका था जिसने उनकी तकदीर की इबारत लिख दी थी। इस किरदार ने उन्हें छोटे पर्दे पर एक नई पहचान दी और देश भर के दर्शकों ने उनकी मासूमियत और अभिनय को हाथों-हाथ स्वीकार कर लिया।

फराह खान का रिएक्शन और टेलीविजन इंडस्ट्री के शुरुआती संघर्षों की हकीकत

मौनी रॉय के इस दिलचस्प और मजेदार किस्से को सुनने के बाद फराह खान ने अपने खास मजाकिया अंदाज में रिएक्ट करते हुए कहा कि आज के दौर के कलाकारों को जिस तरह आसानी से बड़े प्रोजेक्ट मिल जाते हैं, उनके समय में संघर्ष का पैमाना बिल्कुल अलग हुआ करता था। फराह ने मौनी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी नेचुरल खूबसूरती और कैमरे के सामने रहने की ग्रेस ही थी जिसने उन्हें पहले ही प्रयास में सफलता दिला दी, वरना टेलीविजन की इस क्रूर दुनिया में अपनी जगह बना पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। यह वाकया इस बात का प्रमाण है कि सफलता के पीछे भले ही आपकी किस्मत का बड़ा हाथ होता है, लेकिन जब तक आपके भीतर अपनी कला के प्रति ईमानदारी और मेहनत करने का जज्बा नहीं होगा, तब तक कोई भी मौका आपको मंजिल तक नहीं पहुंचा सकता। मौनी रॉय ने उस दौर के कड़े अनुशासन, लंबी शूटिंग शिफ्ट्स और कलाकारों के बीच के आपसी तालमेल को याद करते हुए बताया कि कैसे उस शुरुआती स्कूलिंग ने उन्हें आज बॉलीवुड की एक परिपक्व अभिनेत्री बनने में सबसे बड़ी मदद पहुंचाई है।

छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक का सफर और मौनी रॉय का चमकता हुआ सितारा

'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में 'कृष्णा' के छोटे लेकिन प्रभावशाली किरदार से अपने करियर का श्रीगणेश करने वाली मौनी रॉय ने इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने नागिन जैसे सुपरनैचुरल शोज से लेकर फिल्मों में विलेन का किरदार निभाने तक, हर जगह अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आज वे जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचने के लिए उन्होंने वर्षों तक कड़ी मेहनत और अपने अभिनय को मांजने का काम किया है। फराह खान के सामने किया गया यह खुलासा उनके पुराने दिनों की उस खट्टी-मीठी याद को ताजा कर गया जो हर कलाकार के दिल के बेहद करीब होती है। जब भी कोई नया कलाकार इस तरह की संघर्ष भरी कहानियों को साझा करता है, तो वह उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन जाता है जो अपनी आंखों में बड़े-बड़े सपने लेकर मायानगरी मुंबई की पटरियों पर उतरते हैं। मौनी रॉय की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि आपकी मेहनत और सही समय पर मिला एक छोटा सा मौका भी आपकी पूरी जिंदगी की दिशा और दशा को हमेशा के लिए बदलकर रख सकता है।

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