'डर' से लेकर 'डॉन' तक, सिल्वर स्क्रीन पर खलनायकी में भी उस्ताद हैं शाहरुख खान, OTT पर मस्ट वॉच हैं ये 6 फिल्में
बॉलीवुड के 'किंग खान' यानी शाहरुख खान का नाम जब भी जुबान पर आता है, तो अक्सर हमारे जेहन में उनकी रोमांटिक छवि, बाहें फैलाकर प्यार इजहार करने का अंदाज और एक चॉकलेटी हीरो वाला चेहरा सामने आता है। तीन दशक से भी ज्यादा लंबे अपने शानदार फिल्मी सफर में शाहरुख ने रोमांस के जरिए करोड़ों दिलों पर राज किया है, लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में जिन नकारात्मक और खूंखार किरदारों को निभाया था, वे आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर माने जाते हैं। जब-जब शाहरुख खान ने बड़े पर्दे पर विलेन या ग्रे शेड वाला किरदार निभाया है, तब-तब उन्होंने हीरो से ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं और दर्शकों के दिलों में अपनी एक्टिंग की गहरी छाप छोड़ी है। चाहे वह एकतरफा प्यार में पागल जुनूनी आशिक का किरदार हो या फिर अंडरवर्ल्ड की दुनिया पर राज करने वाले किसी शातिर डॉन का रूप, उन्होंने अपनी हर खलनायकी से साबित कर दिया कि वे सिर्फ रोमांस के ही नहीं बल्कि अभिनय की हर विधा के उस्ताद हैं। यदि आप भी वीकेंड पर या फुर्सत के पलों में शाहरुख खान के उन दमदार और रोंगटे खड़े कर देने वाले खलनायक अवतारों को दोबारा देखना चाहते हैं, तो ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उनकी ये 6 फिल्में आपके लिए किसी ट्रीट से कम नहीं हैं जिन्हें आपको अपनी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए।
'डर' (1993): जूही चावला के पीछे पागल वह जुनूनी आशिक जिसने सनी देओल पर भी भारी पड़ सनसनी मचा दी थी
साल 1993 में रिलीज हुई यश चोपड़ा की ब्लॉकबस्टर मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म 'डर' शाहरुख खान के करियर का वह मोड़ थी जिसने उन्हें रातों-रात बॉलीवुड का सबसे खतरनाक और चहेता विलेन बना दिया था। इस फिल्म में शाहरुख ने 'राहुल' नाम के एक ऐसे जुनूनी आशिक की भूमिका निभाई थी जो किरण (जूही चावला) के प्यार में इस कदर पागल था कि वह उसे पाने के लिए किसी भी हद तक गुजरने को तैयार रहता था। 'क-क-क किरण' बोलने के उनके उस अनोखे अंदाज और फिल्म के खौफनाक दृश्यों ने दर्शकों के दिलों में खौफ भी पैदा किया और उनकी एक्टिंग ने लोगों का दिल भी जीत लिया। फिल्म में सनी देओल मुख्य एक्शन हीरो की भूमिका में थे, लेकिन बॉक्स ऑफिस से लेकर दर्शकों की जुबान पर सिर्फ शाहरुख खान का नेगेटिव किरदार ही छाया रहा। आज भी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इस मनोवैज्ञानिक थ्रिलर को बड़े चाव से देखा जाता है और यह शाहरुख के करियर की सबसे बेहतरीन नकारात्मक फिल्मों में गिनी जाती है।
'बाजीगर' (1993): "बाजीगर ओ बाजीगर" की धुनों के पीछे छिपा एक खूनी बदला और एंटी-ह्यूमन हीरो का खौफनाक रूप
साल 1993 में ही रिलीज हुई अब्बास-मस्तान निर्देशित फिल्म 'बाजीगर' ने यह साबित कर दिया कि शाहरुख खान लीक से हटकर जोखिम उठाने से कभी नहीं डरते। इस फिल्म में उन्होंने 'अजय शर्मा' यानी विक्की मल्होत्रा का ऐसा किरदार निभाया था जो अपने परिवार की बर्बादी का बदला लेने के लिए किसी भी साजिश को अंजाम देने से पीछे नहीं हटता है। फिल्म की शुरुआत में ही वे जिस तरह से अपनी प्रेमिका को छत से नीचे धकेल देते हैं, उसने उस दौर के दर्शकों को हिलाकर रख दिया था। एक तरफ उनकी मासूम मुस्कान और चुलबुलापन था तो दूसरी तरफ आंखों में बदला लेने की आग और बेरहमी थी। इस फिल्म ने शाहरुख खान को फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिलाया और यह दिखाया कि कैसे एक एंटी-ह्यूमन या विलेन नुमा किरदार को भी दर्शक स्क्रीन पर प्यार दे सकते हैं। अगर आपने अभी तक इस मास्टरपीस को नहीं देखा है, तो विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर यह आपके लिए आसानी से उपलब्ध है।
'अंजाम' (1994): माधुरी दीक्षित के सामने शाहरुख का वह साइकोपैथ रूप जिसे देखकर आज भी कांप जाते हैं लोग
राहुल रवैल द्वारा निर्देशित फिल्म 'अंजाम' में शाहरुख खान ने खलनायकी की सारी हदें पार करते हुए एक ऐसे साइकोपैथ लवर 'विजय अग्निहोत्री' की भूमिका निभाई थी जो पैसे और अपने जुनूनी पागलपन के दम पर किसी की भी जिंदगी बर्बाद कर सकता है। फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिका में थीं। इस फिल्म में शाहरुख खान का किरदार 'डर' फिल्म से भी ज्यादा आक्रामक, क्रूर और डरावना दिखाया गया था। फिल्म के कई दृश्य इतने सस्पेंस से भरे और खौफनाक हैं कि देखने वालों की रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत बड़ी कमर्शियल हिट तो नहीं रही, लेकिन क्रिटिक्स और सिनेमा प्रेमियों के बीच शाहरुख के इस बेजोड़ और खूंखार अभिनय की हमेशा तारीफ की जाती है। ओटीटी पर थ्रिलर फिल्मों के शौकीनों के लिए यह फिल्म एक परफेक्ट चॉइस है।
'डॉन' (2006) और 'डॉन 2' (2011): अमिताभ बच्चन के क्लासिक किरदार में शाहरुख का वह स्टाइलिश, शातिर और खूंखार अंदाज
फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी साल 2006 की फिल्म 'डॉन' और उसका सीक्वल 'डॉन 2' शाहरुख खान के करियर के सबसे स्टाइलिश और करिश्माई नेगेटिव रोल्स में से एक माने जाते हैं। अमिताभ बच्चन की साल 1978 की आइकॉनिक फिल्म के इस रीमेक में शाहरुख ने 'डॉन' और 'विजय' दोनों की दोहरी भूमिकाएं निभाई थीं। डॉन के रूप में उनका वह मशहूर डायलॉग "डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है" आज भी लोगों की जुबान पर रहता है। एक शातिर अपराधी, इंटरनेशनल स्मग्लर और बेखौफ विलेन के रूप में शाहरुख ने जिस तरह का स्वैग और एटीट्यूड बड़े पर्दे पर दिखाया, उसने पूरी युवा पीढ़ी को दीवाना बना दिया। बिना किसी डर के गुनाह करने वाले और पुलिस को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले इस नेगेटिव किरदार को शाहरुख ने जिस जीवंतता के साथ निभाया, वह काबिल-ए-तारीफ था। आज भी ओटीटी पर एक्शन और थ्रिलर के दीवाने इस फ्रेंचाइजी को बार-बार देखना पसंद करते हैं।
'फैन' (2016): एक जुनूनी फैन से खतरनाक विलेन बनने की कहानी, जिसमें शाहरुख ने डबल रोल में दिखाया कमाल का अभिनय
मनीष शर्मा द्वारा निर्देशित फिल्म 'फैन' शाहरुख खान के करियर की सबसे प्रयोगधर्मी और अलग किस्म की थ्रिलर फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म में शाहरुख ने डबल रोल निभाया था- एक तरफ वे ग्लोबल सुपरस्टार 'आर्यन खन्ना' की भूमिका में थे तो दूसरी तरफ उसी स्टार के पागलों की तरह दीवाने और बाद में उसके सबसे बड़े दुश्मन बन जाने वाले यंग फैन 'गौरव चांदना' के रोल में नजर आए थे। फिल्म की कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, वह जुनूनी फैन किस तरह एक खतरनाक और खूंखार अपराधी में बदल जाता है, इसे बहुत ही शानदार तरीके से पर्दे पर उतारा गया है। इस फिल्म में वीएफएक्स और मेकअप का ऐसा अद्भुत इस्तेमाल किया गया था कि शाहरुख खान को पहचान पाना भी मुश्किल हो जाता है। बॉक्स ऑफिस पर भले ही यह फिल्म उस स्तर की कमाई न कर पाई हो, लेकिन एक अभिनेता के रूप में शाहरुख की बहुमुखी प्रतिभा को देखने के लिए यह फिल्म ओटीटी पर एक बार जरूर देखी जानी चाहिए।