'40 दिन तक मर्द सब्र कैसे रखे?' मुफ्ती के शर्मनाक बयान की पाकिस्तानी हीरोइनों ने उधेड़ी बखिया
पाकिस्तान के धार्मिक और सामाजिक गलियारों में इन दिनों एक बेहद आपत्तिजनक और विवादित बयान ने भूचाल ला रखा है। एक जाने-माने मुफ्ती द्वारा महिलाओं और वैवाहिक जीवन को लेकर दिए गए एक अजीबोगरीब और शर्मनाक बयान ने सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की मीडिया तक में सनसनी फैला दी है। मुफ्ती ने अपने एक संबोधन के दौरान पुरुषों के संयम को लेकर बेहद फूहड़ और आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि '40 दिन तक मर्द सब्र कैसे रखे?' उनके इस बयान के सामने आते ही पाकिस्तान की जानी-मानी अभिनेत्रियां और महिला अधिकार कार्यकर्ता बुरी तरह भड़क उठी हैं। इन पाकिस्तानी हीरोइनों ने न केवल उस धार्मिक उपदेशक की कड़ी निंदा की है, बल्कि उनकी सोच को पितृसत्तात्मक और महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताते हुए सोशल मीडिया पर उनकी जमकर बखिया उधेड़ी है। इस तीखे विरोध के बाद पड़ोसी देश में एक बार फिर महिलाओं के सम्मान और धार्मिक मंचों के दुरुपयोग को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।
आखिर क्या था वह बयान जिसने हिला दिया सोशल मीडिया
पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक तथाकथित धार्मिक मुफ्ती का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल होने लगा। उस वीडियो में मुफ्ती साहब समाज और परिवार से जुड़े मामलों पर उपदेश देते-देते अपनी भाषा की सारी सीमाएं लांघ गए। उन्होंने पुरुषों की सहनशक्ति और महिलाओं की सामाजिक स्थिति को लेकर एक बेहद अशोभनीय टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर यह सवाल उठाया कि आखिर कोई पुरुष इतने लंबे समय तक संयम कैसे रख सकता है। इस तरह की भाषा और पितृसत्तात्मक सोच ने आम जनता के साथ-साथ देश की सेलिब्रिटीज का भी खून खौला दिया। जैसे ही यह वीडियो पाकिस्तान के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पहुंचा, उस पर प्रतिक्रियाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों का कहना है कि जब धर्म के नाम पर मंच संभालने वाले लोग ही इस तरह की घटिया और फूहड़ बातें करेंगे, तो आम समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
पाकिस्तानी अभिनेत्रियों का फूटा गुस्सा, कहा- ऐसी घटिया सोच समाज के लिए कैंसर है
मुफ्ती के इस शर्मनाक बयान के खिलाफ पाकिस्तान की कई दिग्गज और लोकप्रिय अभिनेत्रियां खुलकर मैदान में आ गई हैं। इन अभिनेत्रियों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कड़े शब्दों में इस बयान की मुखालफत की और कहा कि इस तरह के लोग समाज को आगे ले जाने के बजाय उसे सैकड़ों साल पीछे धकेलने का काम कर रहे हैं। एक मशहूर अभिनेत्री ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि आज के दौर में भी सार्वजनिक मंचों से महिलाओं को केवल उपभोग की वस्तु या पुरुषों की संतुष्टि का साधन समझा जाता है। अभिनेत्रियों का कहना है कि इस तरह के बयानों से न केवल महिलाओं का अपमान होता है, बल्कि यह पुरुषों की मानसिकता को भी विकृत करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या धार्मिक उपदेशों के नाम पर समाज में इस तरह की गंदगी फैलाने की खुली छूट दी जानी चाहिए? इन बेबाक बयानों के बाद से ही मनोरंजन जगत की इन महिलाओं को सोशल मीडिया पर आम जनता का भारी समर्थन मिल रहा है।
धार्मिक मंचों के दुरुपयोग और महिला विरोधी बयानों पर गहरी चिंता
इस पूरे प्रकरण ने पाकिस्तान के भीतर धार्मिक मंचों के बेजा इस्तेमाल और वहां से परोसी जा रही रूढ़िवादी सोच पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बुद्धिजीवियों और महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के उपदेशक धर्म की आड़ में अपनी विकृत मानसिकता को बढ़ावा देते हैं। समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और उनके प्रति होने वाले भेदभाव के पीछे कहीं न कहीं ऐसी ही सोच का बहुत बड़ा हाथ होता है। जब टीवी या सोशल मीडिया के माध्यम से इस तरह के विचार करोड़ों लोगों तक पहुंचते हैं, तो यह युवा पीढ़ी के मानस पटल पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। अभिनेत्रियों ने अपने बयानों में इस बात पर जोर दिया है कि अब समय आ गया है कि इस प्रकार के घटिया बयान देने वाले लोगों का सामाजिक रूप से बहिष्कार किया जाए और कानूनी एजेंसियों को भी ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि कोई भी दोबारा इस तरह की फूहड़ बातें करने की हिम्मत न जुटा सके।
सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग, जनता ने भी की मुफ्ती की तीखी आलोचना
जैसे ही पाकिस्तानी अभिनेत्रियों ने इस मामले पर अपनी आवाज बुलंद की, सोशल मीडिया पर एक बड़ा अभियान सा चल पड़ा। ट्विटर से लेकर फेसबुक और इंस्टाग्राम तक हर जगह उसी मुफ्ती की आलोचना हो रही है और उनके इस बयान को लेकर मीम्स तथा गुस्से भरे संदेश शेयर किए जा रहे हैं। आम नागरिकों का कहना है कि पाकिस्तान की छवि पहले से ही दुनिया भर में कई वजहों से धूमिल है, और ऐसे तथाकथित मौलवी अपनी हरकतों से देश की रही-सही साख को भी डुबो रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इस तरह के बयानों पर अब तक कोई सरकारी कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। इस पूरी बहस ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक पाकिस्तानी समाज अब चुप बैठने वाला नहीं है और विशेष तौर पर वहां की महिलाएं अपनी गरिमा के खिलाफ उठने वाली हर आवाज का डटकर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह विवाद फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है और आने वाले दिनों में यह प्रशासनिक स्तर पर भी एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।